वार्षिक भविष्यफल — राशिफल और अपनी कुंडली के सालाना फल में फ़र्क़

साल की शुरुआत में हर जगह varshik rashifal छपता है। मेष के लिए एक paragraph, वृष के लिए एक। पर सोचिए, करोड़ों लोगों की राशि एक है। क्या सबका साल एक जैसा जाएगा?

असली सालाना फल आपकी अपनी कुंडली से निकलता है। कुंडली मतलब आपके जन्म के पल के आसमान का नक़्शा। इस साल आपकी कौन-सी दशा चल रही है? वह कब बदलेगी? कौन-से महीने क़दम बढ़ाने के हैं, और कौन-से समेटने के? यह हर व्यक्ति का अलग होता है।

अपनी दशा और साल के बदलाव मुफ़्त देखिए

जन्म विवरण से कुंडली बनाइए — चल रही दशा, बदलाव की तारीख़ें, और अपने साल पर सवाल पूछिए।

KP में वार्षिक भविष्यफल का मतलब क्या है

KP (Krishnamurti जी की बताई पद्धति) में साल का फल दो चीज़ों से बनता है। पहली है दशा, यानी ग्रह की बारी का समय। दूसरी है गोचर, यानी आज आसमान में ग्रह कहाँ चल रहे हैं।

इसे शादी के सीज़न से समझिए। घर में कोई कहता है, "इसी सीज़न में शादी होगी।" पर हलवाई पूछता है, "तारीख़ बताइए।" सीज़न से कढ़ाई नहीं चढ़ती, तारीख़ से चढ़ती है।

दशा सीज़न बताती है। गोचर उस सीज़न के अंदर महीना और दिन छाँटता है। दोनों मिलकर आपके साल का नक़्शा बनाते हैं।

एक बात याद रखिए। वार्षिक फल यह नहीं बताता कि साल "अच्छा" है या "बुरा"। वह बताता है कि किस दौर में किस काम पर ज़ोर देना समझदारी है।

पहली परत: दशा से साल का नक़्शा

दशा ट्रेन के टाइम-टेबल जैसी है। 9 ग्रह बारी-बारी से ड्यूटी पर आते हैं। सबसे बड़ी बारी महादशा है, जो 6 से 20 साल चलती है। यह ज़िंदगी का बड़ा अध्याय है।

महादशा के अंदर अंतर्दशा चलती है, कुछ महीनों से कुछ साल तक। KP में इसे भुक्ति भी कहते हैं। साल का मुख्य रंग अक्सर इसी से आता है। उसके अंदर प्रत्यंतर्दशा चलती है, जो हफ़्तों से महीनों की होती है।

सालाना फल में सबसे पहले यह देखा जाता है कि इस साल आप किस महादशा-अंतर्दशा में हैं। फिर यह कि साल के भीतर वह किन तारीख़ों पर बदलेगी। यही बदलाव की तारीख़ें साल की असली ख़बर होती हैं। इन्हीं के आसपास ज़िंदगी की चाल बदलती महसूस होती है।

नई अंतर्दशा क्या लाएगी, यह उसके ग्रह पर निर्भर है। वह ग्रह आपकी कुंडली में किन भावों से जुड़ा है, वही विषय आगे आते हैं। भाव मतलब कुंडली का एक घर, जैसे 10वाँ काम का और 11वाँ लाभ का।

दूसरी परत: धीमे ग्रहों का गोचर

कुंडली जन्म की फ़ोटो है। गोचर आज का live वीडियो है। घटना तब होती है जब फ़ोटो और वीडियो मिल जाते हैं।

साल के माहौल के लिए धीमे ग्रह देखे जाते हैं: गुरु, शनि और राहु-केतु। गुरु एक राशि में क़रीब एक साल रहता है। शनि क़रीब ढाई साल। राहु-केतु क़रीब डेढ़ साल। इनका राशि बदलना महीनों का माहौल तय करता है।

पर KP का नियम साफ़ है। गोचर सिर्फ़ घंटी बजाता है। दरवाज़ा तभी खुलता है जब अंदर कोई हो, यानी जब दशा उस बात का वादा कर रही हो। दशा का वादा न हो, तो भारी गोचर भी ख़ाली घर की घंटी है।

इसीलिए "शनि इस राशि में आया, अब इन राशियों की ख़ैर नहीं" जैसी बातों से डरिए मत। शांति से पूछिए, "मेरी दशा क्या कह रही है?"

तीसरी परत: महीना और अच्छे दिन

सूर्य एक राशि में क़रीब एक महीना रहता है। दशा वाले दौर के अंदर, जिस महीने सूर्य आपके कारक ग्रह की राशि से गुज़रे, वह महीना ज़्यादा मज़बूत होता है। कारक मतलब किसी विषय का ज़िम्मेदार ग्रह।

चंद्रमा सबसे तेज़ चलता है। वह एक नक्षत्र में क़रीब एक दिन रहता है। चंद्रमा की चाल और तारा-बल से हर महीने के कुछ दिन निकलते हैं। तारा-बल मतलब आपके जन्म-नक्षत्र से आज के नक्षत्र की गिनती।

कुछ दिन शुरुआत और बातचीत के लिए ज़्यादा अनुकूल होते हैं। कुछ दिनों में बड़े फ़ैसले टालना बेहतर रहता है। यह अंदाज़ा है, घड़ी नहीं। कुछ दिन आगे-पीछे की गुंजाइश हमेशा रखिए।

परतक्या बताती हैकितना लंबा
महादशाज़िंदगी का बड़ा अध्याय6 से 20 साल
अंतर्दशासाल का मुख्य विषयमहीनों से सालों तक
गुरु, शनि, राहु-केतुसाल का माहौलक़रीब 1 से 2.5 साल एक राशि में
सूर्यकौन-सा महीनाक़रीब 1 महीना एक राशि में
चंद्रमाकौन-सा दिनक़रीब 1 दिन एक नक्षत्र में

एक उदाहरण — सुनीता का साल (उदाहरण के लिए बनाई गई कुंडली)

यह एक उदाहरण है। सुनीता की शनि महादशा चल रही है। साल के पहले तीन महीने उसमें बुध की अंतर्दशा है। बुध उसकी कुंडली में 10वें और 11वें भाव से जुड़ा है। यानी काम और लाभ।

तो साल के पहले तीन महीने अधूरे काम पूरे करने और नए मौक़े पकड़ने के हैं। इस दौर में जिस महीने सूर्य बुध की राशि से गुज़रे, वह महीना और मज़बूत दिखता है।

अप्रैल से केतु की अंतर्दशा शुरू होती है। शनि महादशा में केतु की अंतर्दशा क़रीब 13 महीने की होती है। केतु उसकी कुंडली में 12वें भाव से जुड़ा है। 12 मतलब ख़र्च, यात्रा और भीतर की ओर ध्यान।

इसलिए अप्रैल के बाद का साल सोच-समझकर ख़र्च करने, यात्रा और नई योजना का है। यह डर की बात नहीं है। बस ज़ोर बदल गया है। सुनीता अपना बड़ा काम मार्च से पहले निपटाने की योजना बना सकती है।

यह generic राशिफल से अलग क्यों है

राशिफल सिर्फ़ आपकी चंद्र-राशि देखता है। यानी आपको 12 डिब्बों में से एक में डाल देता है। कुंडली से बना फल आपका जन्म-नक्षत्र, लग्न, दशा और ग्रहों की जगह सब देखता है। यह डिब्बा नहीं, आपका अपना नक़्शा है।

फ़र्क़ जाँचने का आसान तरीक़ा है। राशिफल कभी तारीख़ नहीं बताता, सिर्फ़ mood बताता है। कुंडली से बना फल कहता है, "इस तारीख़ को आपकी अंतर्दशा बदल रही है।" या, "इस महीने इन तारीख़ों को चंद्रमा आपके 10वें भाव में है।" हर बात जाँची जा सकती है।

SuGraha में अपना साल ऐसे पढ़िए

अपना सालाना फल ख़ुद पढ़ना मुश्किल नहीं है। इन क़दमों से शुरू कीजिए:

  • SuGraha में अपनी जन्म तारीख़, समय और जगह डालकर कुंडली बनाइए।
  • दशा वाली तालिका खोलिए। चल रही महादशा और अंतर्दशा लिखिए।
  • देखिए कि इस साल अंतर्दशा या प्रत्यंतर्दशा किस तारीख़ को बदल रही है। वे तारीख़ें अपने calendar में लिख लीजिए।
  • हर नए ग्रह के लिए देखिए कि वह आपकी कुंडली में किन भावों से जुड़ा है। वही विषय उस दौर में आगे आएँगे।
  • फिर सीधे पूछिए, जैसे "मेरा यह साल काम के लिए कैसा है?" जवाब आपकी अपनी दशा के हवाले से मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या साल का फल जानने के लिए जन्म समय ज़रूरी है?

हाँ। महीना-दर-महीना फल के लिए जन्म तारीख़, समय और जगह तीनों चाहिए। दशा की गिनती चंद्रमा की सही जगह से होती है। समय ग़लत हो, तो बदलाव की तारीख़ें भी खिसक जाती हैं।

दशा बदलने की तारीख़ का क्या करें?

उसे अपने calendar में रखिए। नए दौर के पहले हफ़्तों में बड़े फ़ैसले आराम से लीजिए। उस ग्रह से जुड़े विषय पर नज़र रखिए, बदलाव वहीं से शुरू होता है।

क्या कोई पूरा साल "ख़राब" हो सकता है?

इस तरह सोचना ठीक नहीं। हर साल में कुछ दौर क़दम बढ़ाने के होते हैं और कुछ समेटने के। धीमे दौर में की गई तैयारी अगले अनुकूल दौर में काम आती है।

शनि या गुरु के राशि बदलने से मेरा साल बदल जाएगा?

अकेले गोचर से नहीं। KP में गोचर तभी असर दिखाता है जब आपकी दशा उसी बात का वादा कर रही हो। इसलिए पहले अपनी दशा देखिए, फिर गोचर।

नौकरी, पैसे या सेहत के बड़े फ़ैसले साल के फल से लूँ?

नहीं, अकेले इससे नहीं। ऐसे फ़ैसले अपनी समझ से लीजिए। सेहत के लिए डॉक्टर, पैसे के लिए वित्तीय सलाहकार और क़ानूनी बात के लिए वकील पहले हैं। ज्योतिष सिर्फ़ अनुकूल समय का इशारा देता है।

क्या SuGraha ऐसा सालाना फल बनाता है?

SuGraha पर आप अभी अपनी कुंडली, चल रही दशा और आने वाले बदलाव मुफ़्त देख सकते हैं। अपने साल के बारे में सीधे सवाल भी पूछ सकते हैं। महीना-दर-महीना लिखित वार्षिक report भी जल्द आ रही है।

अपनी दशा और साल के बदलाव मुफ़्त देखिए

जन्म विवरण से कुंडली बनाइए — चल रही दशा, बदलाव की तारीख़ें, और अपने साल पर सवाल पूछिए।

और पढ़िए