मांगलिक दोष क्या होता है
जब कुंडली में मंगल 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में बैठा हो, तो उसे मांगलिक दोष या मंगल दोष कहते हैं। शादी के समय कुंडली मिलान में इसे ख़ास तौर पर देखा जाता है।
यह कैलकुलेटर मंगल को तीन जगह से देखता है: लग्न से, चंद्रमा से और शुक्र से। जितनी ज़्यादा जगह से मंगल मांगलिक भाव में होगा, असर उतना ज़्यादा माना जाता है।
किन बातों से मांगलिक दोष का असर कम होता है
हर मांगलिक कुंडली एक जैसी नहीं होती। कुछ योग असर को काफ़ी हल्का कर देते हैं:
- मंगल अपनी ही राशि मेष या वृश्चिक में हो
- मंगल अपनी उच्च राशि मकर में हो
- गुरु मंगल के साथ हों या उन पर गुरु की दृष्टि हो
- दोनों साथी मांगलिक हों, तो मिलान में यह संतुलित हो जाता है
नतीजा कैसे पढ़ें
नतीजे में तीन में से एक बात दिखेगी: आप मांगलिक नहीं हैं, हल्का मांगलिक योग है, या मांगलिक दोष है। साथ में यह भी दिखेगा कि मंगल किस भाव में है और कौन सी बातें असर कम करती हैं।
मांगलिक होना डरने की बात नहीं है। इसका मतलब बस इतना है कि शादी से पहले कुंडली मिलान ध्यान से करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मांगलिक दोष सिर्फ़ जन्म की तारीख़ से पता चल सकता है?
चंद्रमा और शुक्र से जाँच सिर्फ़ तारीख़ और जगह से हो जाती है। लग्न से जाँच के लिए जन्म का समय चाहिए, क्योंकि लग्न हर दो घंटे में बदलता है।
मांगलिक दोष कितनी उम्र तक रहता है?
बहुत से ज्योतिषी मानते हैं कि 28 साल के बाद इसका असर हल्का हो जाता है। फिर भी कुंडली मिलान में इसे देखा जाता है।
अगर मैं मांगलिक हूँ तो क्या शादी में परेशानी होगी?
ज़रूरी नहीं। असर कम करने वाले योग, साथी की कुंडली और सातवाँ भाव, सब मिलकर तय करते हैं। अपनी कुंडली पर सवाल पूछकर पूरा जवाब पाइए।
क्या यह manglik calculator मुफ़्त है?
हाँ, पूरी तरह मुफ़्त है और कोई साइन-अप नहीं चाहिए।