जन्म समय नहीं पता — फिर भी अपने सवाल का जवाब कैसे पाएँ

बहुत लोगों के पास जन्म की तारीख़ तो होती है, पर सही समय नहीं — पुराने घरों में समय लिखने का रिवाज़ ही नहीं था। और कुंडली के लिए समय सबसे ज़रूरी चीज़ है: 4 मिनट के फ़र्क़ से लग्न बदल सकता है।

इसका मतलब यह नहीं कि ज्योतिष के दरवाज़े बंद हैं। इसी समस्या के लिए प्रश्न कुंडली बनी है — एक ऐसा तरीक़ा जिसमें आपके जन्म समय की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

प्रश्न कुंडली से अपना सवाल पूछिए — मुफ़्त

1 से 249 में एक नंबर चुनिए और सवाल लिखिए — जन्म समय की ज़रूरत नहीं।

प्रश्न कुंडली — बिना जन्म समय का रास्ता

तरीक़ा सीधा है: मन में अपना सवाल साफ़ कीजिए — एक सवाल, साफ़ शब्दों में। फिर 1 से 249 के बीच जो नंबर सबसे पहले मन में आए, वही चुन लीजिए।

वह नंबर उस पल के आसमान से जुड़ता है जब सवाल पूछा गया — कुंडली आपके जन्म की जगह सवाल के समय से बनती है। KP पद्धति में इसे horary कहते हैं, और सटीक सवालों के लिए यह जन्म कुंडली जितना ही काम करती है।

SuGraha पर यह पूरा काम अपने आप होता है: नंबर चुनिए, सवाल लिखिए — कुंडली बनेगी, और जवाब उसी कुंडली के हवाले के साथ मिलेगा।

अंदाज़े के समय से कुंडली बनवाना — क्यों जोखिम है

"सुबह का जन्म था" जैसे अंदाज़े से बनी कुंडली में लग्न ग़लत होने की पूरी आशंका रहती है — और लग्न ग़लत तो भाव ग़लत, भाव ग़लत तो हर जवाब ग़लत। ऐसी कुंडली से मिला भरोसा नुक़सान भी करा सकता है।

ईमानदार तरीक़ा यह है: जब तक सही समय न मिले (जन्म प्रमाणपत्र, अस्पताल का रिकॉर्ड, घर के बड़ों से पक्की जानकारी), तब तक सवाल-आधारित काम प्रश्न कुंडली से कीजिए। दोनों को मिलाइए मत।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या प्रश्न कुंडली का जवाब जन्म कुंडली जितना भरोसेमंद है?

एक साफ़, गंभीर सवाल के लिए — हाँ, KP परंपरा में प्रश्न कुंडली को पूरा दर्जा मिला है। फ़र्क़ इतना है कि यह एक सवाल का जवाब देती है, पूरी ज़िंदगी का नक़्शा नहीं बनाती।

नंबर मुझे ही क्यों चुनना है?

नंबर चुनने का पल ही कुंडली का आधार है — इसीलिए वह आपके मन से आना चाहिए, किसी और के कहने से नहीं। जो नंबर पहले आए, वही सही है; बदल-बदल कर मत सोचिए।

एक ही सवाल दोबारा पूछ सकते हैं?

एक ही सवाल बार-बार पूछना प्रश्न कुंडली में मना है — पहला जवाब ही मान्य होता है। हाँ, हालात सच में बदल जाएँ तो नया सवाल बनता है।

बाद में सही जन्म समय मिल जाए तो?

तो ज़रूर जन्म कुंडली बनवाइए — SuGraha पर जन्म विवरण डालते ही पूरी कुंडली और दशा-तालिका मुफ़्त मिलती है। प्रश्न कुंडली उसकी जगह नहीं, उसका साथी तरीक़ा है।

प्रश्न कुंडली से अपना सवाल पूछिए — मुफ़्त

1 से 249 में एक नंबर चुनिए और सवाल लिखिए — जन्म समय की ज़रूरत नहीं।

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