कुंडली कैसे देखें: 12 भाव, ग्रह और दशा, आसान तरीके से
SuGraha · अपडेट 29 अक्टूबर 2026
कुंडली देखने के 4 कदम हैं। पहले लग्न देखिए, यानी पहला घर। फिर 12 घरों का मतलब समझिए, फिर देखिए कि कौन सा ग्रह किस घर में बैठा है, और आख़िर में चल रही दशा से समय देखिए।
शुरू में कुंडली बस खानों और अंकों का जाल लगती है। पर एक बार यह समझ आ जाए कि हर खाना ज़िंदगी के किस हिस्से का है, तो आप ख़ुद मोटी बातें पढ़ सकते हैं। नीचे उत्तर भारतीय कुंडली के हिसाब से समझाया गया है, जो हिंदी पट्टी में सबसे ज़्यादा चलती है।
1 मिनट में कुंडली, हर घर का मतलब आसान हिंदी में, और अपने सवाल पूछने की सुविधा।
पहला कदम: लग्न पहचानिए
उत्तर भारतीय कुंडली में सबसे ऊपर बीच वाला हीरे जैसा खाना पहला घर है। इसे लग्न कहते हैं। लग्न यानी जन्म के पल पूरब में जो राशि उग रही थी।
यहाँ से घर उल्टी घड़ी की दिशा में गिने जाते हैं। लग्न के बाएँ ऊपर वाला खाना दूसरा घर है, उसके नीचे वाला तीसरा, और ऐसे ही बारहवें तक।
सबसे ज़रूरी बात: खानों में लिखे अंक घर का नंबर नहीं हैं। वे राशि का नंबर हैं। अगर लग्न के खाने में 5 लिखा है, तो आपका लग्न सिंह है, क्योंकि सिंह पाँचवीं राशि है। घर की जगह हमेशा तय रहती है, अंक हर कुंडली में बदलते हैं।
| राशि का अंक | राशि | स्वामी ग्रह |
|---|---|---|
| 1 | मेष | मंगल |
| 2 | वृषभ | शुक्र |
| 3 | मिथुन | बुध |
| 4 | कर्क | चंद्रमा |
| 5 | सिंह | सूर्य |
| 6 | कन्या | बुध |
| 7 | तुला | शुक्र |
| 8 | वृश्चिक | मंगल |
| 9 | धनु | गुरु |
| 10 | मकर | शनि |
| 11 | कुंभ | शनि |
| 12 | मीन | गुरु |
दूसरा कदम: कुंडली के 12 भाव और उनका मतलब
भाव यानी कुंडली का एक घर। हर घर ज़िंदगी के कुछ ख़ास हिस्सों को दिखाता है। किसी विषय को देखना हो तो उसी घर से शुरुआत होती है।
| भाव | आसान नाम | क्या दिखाता है |
|---|---|---|
| 1 | तन भाव | आप ख़ुद, शरीर, स्वभाव, सेहत की नींव |
| 2 | धन भाव | पैसा, बचत, परिवार, बोली, खाना पीना |
| 3 | पराक्रम भाव | हिम्मत, छोटे भाई बहन, बातचीत, छोटी यात्राएँ |
| 4 | सुख भाव | माँ, घर, ज़मीन मकान, गाड़ी, मन की शांति |
| 5 | संतान भाव | बच्चे, पढ़ाई, बुद्धि, प्रेम संबंध |
| 6 | रोग शत्रु भाव | बीमारी, कर्ज़, मुक़ाबला, नौकरी की मेहनत |
| 7 | विवाह भाव | जीवनसाथी, शादी, साझेदारी, कारोबार के साथी |
| 8 | आयु भाव | अचानक बदलाव, छिपी बातें, विरासत, लंबी उम्र |
| 9 | भाग्य भाव | किस्मत, पिता, धर्म, गुरु, लंबी यात्रा |
| 10 | कर्म भाव | काम, करियर, पद, समाज में नाम |
| 11 | लाभ भाव | कमाई, फ़ायदा, दोस्त, इच्छाएँ पूरी होना |
| 12 | व्यय भाव | ख़र्च, विदेश, नींद, दूरी, मोक्ष |
तीसरा कदम: कौन सा ग्रह किस घर में है
कुंडली के खानों में अंक के साथ छोटे नाम लिखे होते हैं, जैसे सू, चं, मं, बु, गु, शु, श, रा, के। ये 9 ग्रह हैं: सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु।
जिस घर में ग्रह बैठा है, वह उस घर के विषय पर असर डालता है। जैसे सातवें घर में शुक्र हो तो शादी और साथी के मामले में शुक्र का रंग दिखता है। ग्रह का असर इस पर भी निर्भर है कि वह किस राशि में है, यानी उस खाने में कौन सा अंक लिखा है।
हर घर का एक मालिक भी होता है। उस खाने की राशि का स्वामी ग्रह ही उस घर का मालिक है। ऊपर की तालिका से आप स्वामी देख सकते हैं। मालिक ग्रह कहाँ बैठा है, इससे भी उस घर का फल बदलता है।
चौथा कदम: दशा से समय देखिए
कुंडली में योग बताते हैं कि क्या हो सकता है। दशा बताती है कि कब। दशा यानी ग्रह की बारी का समय। विंशोत्तरी दशा में 9 ग्रहों की बारी 120 साल में पूरी होती है।
जिस ग्रह की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, वह जिन घरों से जुड़ा है, उन्हीं घरों की बातें उस समय ज़्यादा सामने आती हैं। अंतर्दशा यानी महादशा के अंदर का छोटा दौर।
एक छोटा उदाहरण
मान लीजिए लग्न के खाने में 7 लिखा है। तो लग्न तुला है और लग्न का मालिक शुक्र है। सातवें घर में 1 लिखा होगा, यानी मेष, जिसका मालिक मंगल है।
अब मान लीजिए दसवें घर में गुरु बैठा है और अभी गुरु की महादशा चल रही है। तो इस दौर में काम, पद और करियर की बातें आगे रहने की संभावना है, क्योंकि दशा का ग्रह कर्म भाव में बैठा है।
यह सिर्फ़ मोटा तरीका है। असली फल के लिए ग्रह की ताक़त, दूसरे ग्रहों की नज़र और नक्षत्र भी देखे जाते हैं। इसलिए अपनी कुंडली से कोई ख़ास सवाल हो तो उसे पूरी कुंडली के साथ ही देखना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Kundli kaise dekhe?
पहले लग्न यानी पहला घर देखिए, फिर 12 घरों का मतलब, फिर कौन सा ग्रह किस घर में है, और आख़िर में चल रही दशा से समय देखिए।
Kundli ke 12 bhav kaun se hain?
तन, धन, पराक्रम, सुख, संतान, रोग शत्रु, विवाह, आयु, भाग्य, कर्म, लाभ और व्यय भाव। हर घर ज़िंदगी के कुछ ख़ास विषयों को दिखाता है।
Kundli me likhe number ka matlab kya hai?
उत्तर भारतीय कुंडली के खानों में लिखे अंक राशि का नंबर होते हैं, घर का नहीं। जैसे 5 का मतलब सिंह राशि। घरों की जगह हमेशा तय रहती है।
Lagna kaise pata kare?
उत्तर भारतीय कुंडली में सबसे ऊपर बीच वाले खाने में जो अंक लिखा है, वही आपके लग्न की राशि है। लग्न जन्म के सही समय से निकलता है।
Apni kundli free mein kaise dekhe?
SuGraha में जन्म तारीख़, समय और जगह डालकर 1 मिनट में मुफ़्त कुंडली बनती है, हर घर का मतलब आसान हिंदी में दिखता है, और आप अपने सवाल भी पूछ सकते हैं।
Shadi ke liye kundli me kaun sa ghar dekhte hain?
शादी के लिए सातवाँ घर मुख्य है। साथ में दूसरा घर परिवार के लिए, ग्यारहवाँ इच्छा पूरी होने के लिए, शुक्र और गुरु, और चल रही दशा देखी जाती है।
1 मिनट में कुंडली, हर घर का मतलब आसान हिंदी में, और अपने सवाल पूछने की सुविधा।