नौकरी कब लगेगी? कुंडली से जॉब का समय कैसे देखा जाता है

नौकरी की तलाश में सबसे मुश्किल चीज़ इंतज़ार है। Interview हो रहे हैं, पर जवाब नहीं आ रहा। समझ नहीं आता कि कोशिश बढ़ाएँ या थोड़ा रुकें।

कुंडली (जन्म के पल के आसमान का नक़्शा) यहाँ एक काम की बात बताती है। वह बताती है कि आपका अनुकूल समय कब शुरू हो रहा है। नौकरी मेहनत और तैयारी से मिलती है। कुंडली बस यह इशारा देती है कि मेहनत किस दौर में जल्दी फल दे सकती है।

अपना सवाल अभी पूछिए — मुफ़्त

अपनी जन्म तारीख़ से 1 मिनट में कुंडली बनेगी, फिर SuGraha आपकी ही कुंडली से जवाब देगा। पहले सवाल मुफ़्त हैं।

नौकरी के 4 घर — 10वाँ, 6वाँ, 2रा और 11वाँ

कुंडली में 12 भाव होते हैं। भाव मतलब कुंडली का एक घर। हर घर ज़िंदगी के एक हिस्से का कमरा है।

10वाँ भाव आपका करियर और पहचान है। यह बताता है कि किस तरह का काम आपको सूट करता है। 6वाँ भाव नौकरी यानी service का घर है। इसमें रोज़ की duty, competition और नौकरी मिलना आता है।

2रा भाव आमदनी है, यानी भरती हुई जेब। 11वाँ भाव लाभ है। salary बढ़ना और offer मिलना यहीं से देखा जाता है।

KP (Krishnamurti जी की बताई पद्धति) में इन चारों को नौकरी की टीम कहते हैं: 2-6-10-11। जैसे क्रिकेट में एक बल्लेबाज़ अकेले मैच नहीं जिताता, वैसे ही एक घर अकेले नौकरी नहीं देता।

इन घरों से जुड़े ग्रह की दशा चले, तो नौकरी का समय बनता है। दशा मतलब ग्रह की बारी का समय। इसीलिए एक जैसी योग्यता वाले दो लोगों को नौकरी अलग समय पर मिलती है।

भावनौकरी में क्या बताता है
10वाँकरियर, पहचान, किस तरह का काम
6वाँनौकरी, रोज़ की duty, competition
2रातनख़्वाह, आमदनी
11वाँलाभ, offer, salary बढ़ना

पहले वादा, फिर समय

स्टेशन पर दो अलग सवाल पूछे जाते हैं। "ट्रेन जाती है?" और "कब जाती है?" KP नौकरी के सवाल को भी ऐसे ही बाँटता है। पहला हिस्सा है वादा: नौकरी का योग है या नहीं। दूसरा है समय: वह कब खुलेगा।

वादा 10वें भाव के cusp के सब-लॉर्ड से देखा जाता है। cusp मतलब घर का दरवाज़ा, यानी घर की शुरुआत की रेखा। सब-लॉर्ड मतलब अंदर का असली फ़ैसला करने वाला ग्रह। दफ़्तर में फ़ाइल पर दस्तख़त बॉस करता है, क्लर्क नहीं। सब-लॉर्ड वही बॉस है।

समय दशा और गोचर से देखा जाता है। गोचर मतलब आज आसमान में ग्रह कहाँ चल रहे हैं। दशा अनुकूल दौर खोलती है। गोचर उस दौर में महीना छाँटता है।

सरकारी नौकरी के योग

सरकारी नौकरी के लिए दो ग्रह ख़ास देखे जाते हैं। सूर्य सरकार का कारक है। कारक मतलब किसी विषय का ज़िम्मेदार ग्रह। शनि सेवा और धैर्य का कारक है।

सूर्य 10वें या 6वें घर से जुड़ा हो और दशा साथ दे, तो सरकारी क्षेत्र में संभावना बढ़ती है।

पर ध्यान रखिए, योग सिर्फ़ दरवाज़ा खोलता है। तैयारी आपको ही करनी है। कुंडली यह बताती है कि किस दौर में मेहनत का फल जल्दी मिलने की संभावना है।

नौकरी बदलने का सही समय

अगर आप पहले से नौकरी में हैं और switch सोच रहे हैं, तो दो बातें देखी जाती हैं। पहली, चल रही दशा 6वें और 10वें घर को support करती है या नहीं। दूसरी, गोचर क्या कह रहा है।

कमज़ोर दौर में जल्दबाज़ी से छोड़ी नौकरी के बाद इंतज़ार लंबा हो सकता है। अनुकूल दौर में की गई switch अक्सर तरक़्क़ी लाती है।

एक ज़रूरी बात साफ़ कहनी है। नौकरी छोड़ने या बदलने का फ़ैसला आपकी अपनी समझ से होना चाहिए। Offer letter, बचत और परिवार की ज़रूरत पहले देखिए। ज़रूरत हो तो किसी भरोसेमंद सलाहकार से बात कीजिए। ज्योतिष सिर्फ़ अनुकूल समय का इशारा देता है।

SuGraha में आप यह सवाल सीधे पूछ सकते हैं, जैसे "नौकरी कब लगेगी?" या "job change करूँ या नहीं?" जवाब आपकी अपनी कुंडली की दशा से मिलेगा, वजह के साथ।

नौकरी या अपना काम — 10वें cusp का सब-लॉर्ड बताता है

KP में इसका फ़ैसला बड़ा सुथरा है। काम का भाव 10वाँ है। उसके cusp का सब-लॉर्ड देखिए। फिर देखिए कि उसका झुकाव किस तरफ़ है।

सब-लॉर्ड 6-10-11 से ज़्यादा जुड़ा है, तो नौकरी रास आती है। 6 मतलब सेवा, दूसरे के लिए काम, रोज़ का routine। सब-लॉर्ड 7-10-11 से ज़्यादा जुड़ा है, तो अपना काम रास आता है। 7 मतलब सामने वाला: ग्राहक, पब्लिक, सौदे।

याद रखने की तरकीब: 6 = मालिक एक (आपका boss)। 7 = मालिक अनेक (आपके ग्राहक)।

दोनों से जुड़ा हो, तो दोनों रास्ते खुले हैं। ऐसे लोग नौकरी के साथ side में अपना काम चला लेते हैं। या नौकरी से सीखकर बाद में अपना काम खोलते हैं। कुंडली "या-या" भी कहती है, हमेशा "सिर्फ़ यही" नहीं।

प्रमोशन का उदाहरण — अमित (उदाहरण के लिए बनाई गई कुंडली)

यह एक उदाहरण है। अमित 29 साल का है और software की नौकरी करता है। उसके तीन सवाल हैं: प्रमोशन कब? नौकरी चली तो नहीं जाएगी? या startup कर ले?

अमित का लग्न कर्क है। लग्न मतलब जन्म के समय पूरब में उगती राशि। उसका 10वाँ cusp मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में है। इस cusp का सब-लॉर्ड बुध है।

बुध 11वें भाव में बैठा है। वह चंद्र के नक्षत्र में है, और चंद्र 6वें भाव में है। यानी बुध 6 और 11, दोनों से जुड़ा। यह नौकरी में तरक़्क़ी का वादा है। 7 से ख़ास रिश्ता नहीं है। तो startup वाले सवाल का इशारा भी मिल गया: अमित की रोटी नौकरी के रास्ते से आती है।

तीनों सवालों का जवाब एक ही रास्ते से निकला:

कदमक्या देखानतीजा
टीमनौकरी की टीम 2-6-10-11प्रमोशन में 2 और 11 का रोल बड़ा
वादा10वें का सब-लॉर्ड बुध, जो 6-11 से जुड़ातरक़्क़ी का वादा
कारकबुध (6-11), चंद्र (6), शुक्र (10वें में, 11 का स्वामी)टीम पूरी
दशाबुध महादशा में शुक्र अंतर्दशा: जनवरी 2025 से नवंबर 2027अनुकूल दौर
गोचरसूर्य मेष में (14 अप्रैल से 14 मई), जहाँ 10वाँ cusp और शुक्र हैंपहला मज़बूत महीना: अप्रैल-मई 2025
नतीजाappraisal cycle, मई 2025 में letterनई कुर्सी, बढ़ी तनख़्वाह

'कहीं नौकरी चली तो नहीं जाएगी?' — डर नहीं, तारीख़

पहली बात आराम से सुनिए। कुंडली में "नौकरी जाने का डर" नाम की कोई चीज़ नहीं होती। कुंडली में सिर्फ़ बदलाव दिखता है।

बदलाव के दो चेहरे हैं। एक, नौकरी का छूटना। दूसरा, बेहतर नौकरी का मिलना। डरने वाले को दोनों एक जैसे लगते हैं। समझने वाला फ़र्क़ कर लेता है।

  • जब तक दशा 6-10-11 से जुड़े ग्रहों की चल रही है, नौकरी की ज़मीन मज़बूत है। आराम से काम कीजिए।
  • जब दौर ऐसे ग्रहों का आए जो नौकरी की टीम से कटे हों, तो हवा बदल रही है। यह अक्सर नौकरी बदलने का समय होता है, बर्बादी का नहीं।
  • सबसे काम की जाँच: उसी दौर में 6-10-11 का जुड़ाव फिर बने, तो नई कुर्सी आती है। अक्सर पुरानी से बेहतर।
  • डर का इलाज उपाय नहीं, तारीख़ है। "हवा कब बदलेगी" पता हो, तो आदमी resume तैयार रखता है, course कर लेता है, बचत कर लेता है। ज्योतिष अंधेरे में टॉर्च है, डराने वाला भूत नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंडली से नौकरी की exact तारीख़ पता चल सकती है?

नहीं। जो एकदम तय तारीख़ बताए, वह ज्योतिष नहीं कर रहा। कुंडली अनुकूल दौर बताती है, जैसे "अगले 4-6 महीने job के लिहाज़ से मज़बूत दिख रहे हैं।"

बिज़नेस करूँ या नौकरी — क्या कुंडली बता सकती है?

झुकाव साफ़ दिखता है। 7वाँ और 3रा घर मज़बूत हो तो बिज़नेस, 6वाँ मज़बूत हो तो नौकरी ज़्यादा सूट करती है। SuGraha से यह सवाल पूछने पर आपकी कुंडली के घर देखकर जवाब मिलता है।

promotion कब मिलेगा — यह भी दिखता है?

हाँ। 10वें और 11वें घर से जुड़े ग्रहों की दशा-अंतर्दशा में promotion के दौर दिखते हैं। salary बढ़ने का समय भी इन्हीं से दिखता है।

जन्म समय नहीं पता तो?

तब प्रश्न कुंडली काम आती है। इसमें आप 1 से 249 में से एक नंबर चुनते हैं। उससे बिना जन्म समय के भी नौकरी के सवाल का जवाब मिल सकता है। SuGraha में यह मुफ़्त है।

सूर्य के गोचर से महीना कैसे निकलता है?

सूर्य हर राशि में क़रीब एक महीना रहता है। वह आपके 10वें cusp या मुख्य कारक ग्रह की राशि से गुज़रे, तो वह महीना ख़ास होता है। शर्त यह है कि उस समय दशा वादा कर रही हो। वरना गोचर अकेला कुछ नहीं करता।

कुंडली नौकरी कहे पर मन बिज़नेस का हो तो?

कुंडली रास्ता बताती है, हुक्म नहीं देती। 10वें का सब-लॉर्ड 6 की तरफ़ झुका हो, तो शुरुआत नौकरी से करना आसान रहता है। बहुत लोग वहीं से सीखकर बाद में अपना काम खोलते हैं। आख़िरी फ़ैसला आपकी अपनी समझ और हालात से ही होना चाहिए।

अपना सवाल अभी पूछिए — मुफ़्त

अपनी जन्म तारीख़ से 1 मिनट में कुंडली बनेगी, फिर SuGraha आपकी ही कुंडली से जवाब देगा। पहले सवाल मुफ़्त हैं।

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