शुक्र की महादशा: 20 साल में क्या होता है, सभी अंतर्दशाएँ और उनका समय
SuGraha · अपडेट 29 अक्टूबर 2026
शुक्र की महादशा 20 साल की होती है, जो विंशोत्तरी दशा में सबसे लंबी है। इसमें प्यार, शादी, सुख सुविधा, धन, कला और सुंदरता की बातें आगे आती हैं। फल आपकी कुंडली में शुक्र के घर और उसकी ताक़त पर टिका है।
20 साल का समय ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा है। इसलिए शुक्र की महादशा के बारे में बहुत लोग पूछते हैं। इस पेज पर आसान भाषा में समझिए कि इसमें क्या होता है।
जन्म तारीख़, समय और जगह से आपकी चल रही दशा, अंतर्दशा और तारीख़ें 1 मिनट में।
शुक्र क्या दर्शाता है और इसकी महादशा कितने साल की होती है
शुक्र प्यार, शादी, पत्नी, सुख सुविधा, गाड़ी, घर, कपड़े, कला, संगीत और धन का कारक है। कारक यानी उस विषय का मुख्य ग्रह।
विंशोत्तरी दशा में शुक्र की महादशा 20 साल की होती है। यह सबसे लंबी महादशा है।
शुक्र की महादशा कब अच्छी चलती है और कब भारी लगती है
भाव यानी कुंडली का एक घर। शुक्र मीन राशि में हो, या अपनी वृषभ और तुला राशि में हो, तो इसकी दशा अक्सर सुख देती है। मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए शुक्र योगकारक होता है, यानी सबसे शुभ ग्रह।
शुक्र कन्या राशि में कमज़ोर माना जाता है। 6, 8 या 12वें घर का शुक्र ख़र्च और रिश्तों में उलझन बढ़ा सकता है।
- अच्छे संकेत: शादी, अच्छा जीवनसाथी, घर या गाड़ी, कला या फ़ैशन के काम में नाम।
- भारी संकेत: बेवजह ख़र्च, दिखावा, रिश्तों में ग़लतफ़हमी, आलस।
शुक्र महादशा की सभी 9 अंतर्दशाएँ और उनका समय
अंतर्दशा यानी महादशा के अंदर का छोटा दौर। शुक्र की 20 साल की महादशा में 9 अंतर्दशाएँ आती हैं। पहली अंतर्दशा हमेशा शुक्र की अपनी होती है।
हर अंतर्दशा का समय एक तय नियम से निकलता है। महादशा के साल को अंतर्दशा वाले ग्रह के साल से गुणा करके 120 से भाग दिया जाता है। नीचे की तालिका इसी नियम से बनी है।
| क्रम | अंतर्दशा | कितने समय की | आम तौर पर |
|---|---|---|---|
| 1 | शुक्र में शुक्र | 3 साल 4 महीने | रिश्ते, शादी, आराम और सुख सुविधा की बातें आगे आती हैं। महादशा का ग्रह अपनी ही अंतर्दशा में है, इसलिए उसका असर सबसे साफ़ दिखता है। |
| 2 | शुक्र में सूर्य | 1 साल | पिता, सरकार, पद और आत्मविश्वास की बातें आगे आती हैं। दोनों ग्रहों में मित्रता नहीं मानी जाती, इसलिए इस दौर में धीरज ज़्यादा चाहिए। |
| 3 | शुक्र में चंद्र | 1 साल 8 महीने | मन, माँ, घर और भावनाओं की बातें आगे आती हैं। दोनों ग्रहों में मित्रता नहीं मानी जाती, इसलिए इस दौर में धीरज ज़्यादा चाहिए। |
| 4 | शुक्र में मंगल | 1 साल 2 महीने | हिम्मत, ज़मीन, भाई और जल्दबाज़ी की बातें आगे आती हैं। दोनों के बीच सम संबंध माना जाता है, इसलिए फल कुंडली पर ज़्यादा टिका है। |
| 5 | शुक्र में राहु | 3 साल | विदेश, नई तकनीक, अचानक मौके और उलझन की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 6 | शुक्र में गुरु | 2 साल 8 महीने | पढ़ाई, संतान, धर्म, सलाह और बढ़त की बातें आगे आती हैं। दोनों के बीच सम संबंध माना जाता है, इसलिए फल कुंडली पर ज़्यादा टिका है। |
| 7 | शुक्र में शनि | 3 साल 2 महीने | मेहनत, नौकरी, अनुशासन और देरी की बातें आगे आती हैं। दोनों ग्रह मित्र माने जाते हैं, इसलिए यह दौर अक्सर आसानी से चलता है। |
| 8 | शुक्र में बुध | 2 साल 10 महीने | पढ़ाई, बातचीत, व्यापार और हिसाब किताब की बातें आगे आती हैं। दोनों ग्रह मित्र माने जाते हैं, इसलिए यह दौर अक्सर आसानी से चलता है। |
| 9 | शुक्र में केतु | 1 साल 2 महीने | अलगाव, अध्यात्म और अचानक बदलाव की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
शुक्र महादशा में शनि की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 3 साल 2 महीने की होती है, जो शुक्र की सबसे लंबी अंतर्दशाओं में है। शुक्र और शनि मित्र माने जाते हैं।
पक्की नौकरी, ज़मीन मकान और धीरे पर टिकाऊ धन इस दौर में बन सकता है।
शुक्र महादशा में राहु की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 3 साल की होती है। इसमें विदेश, नई तकनीक और बड़ी इच्छाओं की बातें आती हैं।
ऐशो आराम की चाह बढ़ सकती है। पैसों और रिश्तों में सोच समझकर कदम रखिए।
शुक्र महादशा में केतु की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 1 साल 2 महीने की होती है और शुक्र की महादशा की आख़िरी अंतर्दशा है। इसके बाद सूर्य की महादशा आती है।
इस दौर में सुख सुविधा से मन थोड़ा हट सकता है। रिश्तों में दूरी पर नज़र रखिए।
शुक्र की महादशा से पहले और बाद में कौन सी दशा आती है
शुक्र की महादशा से पहले केतु की महादशा आती है। शुक्र की महादशा ख़त्म होने के बाद सूर्य की महादशा शुरू होती है, जो 6 साल की होती है।
विंशोत्तरी दशा में 9 ग्रहों की बारी एक तय क्रम में आती है। यह क्रम है केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि और बुध। पूरा चक्र 120 साल का होता है।
आपकी पहली दशा किस ग्रह की थी, यह जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होता है। इसीलिए हर व्यक्ति की दशा की तारीख़ें अलग होती हैं।
शुक्र की महादशा में लोग क्या करते हैं
नीचे वे आसान बातें हैं जो परंपरा में की जाती हैं। ये मन को शांत और दिनचर्या को ठीक रखने के लिए हैं। इनसे कोई गारंटी नहीं जुड़ी है।
असली फल शुक्र की आपकी कुंडली में जगह, उसकी ताक़त और चल रही अंतर्दशा से तय होता है। इसलिए किसी बड़े फ़ैसले से पहले अपनी कुंडली देखना ज़रूरी है।
- माना जाता है कि लक्ष्मी जी की पूजा और शुक्रवार को "ॐ शुं शुक्राय नमः" का जाप शुक्र की दशा में सुख बढ़ाता है।
- महिलाओं का सम्मान कीजिए। परंपरा में इसे शुक्र का सबसे अच्छा उपाय माना जाता है।
- ख़र्च का हिसाब रखिए। सुख की दशा में बचत करना सबसे समझदारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Shukra mahadasha कितने साल की होती है?
शुक्र की महादशा 20 साल की होती है, जो सबसे लंबी महादशा है। इसमें पहली अंतर्दशा शुक्र की अपनी 3 साल 4 महीने की होती है।
Shukra mahadasha में क्या होता है?
प्यार, शादी, सुख सुविधा, धन और कला की बातें आगे आती हैं। फल शुक्र के घर और ताक़त पर टिका है।
क्या शुक्र की महादशा में शादी होती है?
शुक्र शादी का कारक है, इसलिए इसकी दशा में शादी के योग अक्सर बनते हैं। पर तय समय 7वें घर और चल रही अंतर्दशा से निकलता है।
Effects of shukra mahadasha कब अच्छे होते हैं?
शुक्र मीन, वृषभ या तुला राशि में हो, या मकर और कुंभ लग्न हो, तो इसकी दशा अक्सर अच्छी मानी जाती है।
शुक्र के बाद कौन सी दशा आती है?
शुक्र की महादशा के बाद सूर्य की 6 साल की महादशा आती है।
जन्म तारीख़, समय और जगह से आपकी चल रही दशा, अंतर्दशा और तारीख़ें 1 मिनट में।