जन्म कुंडली मुफ़्त कैसे बनाएँ — और उसमें क्या-क्या देखें

कुंडली बनवाने के लिए अब किसी के पास जाने की ज़रूरत नहीं। आपको बस 3 चीज़ें चाहिए: जन्म की तारीख़, समय और जगह। इनसे आपकी पूरी जन्म कुंडली 1 मिनट में बन जाती है। और यह बिल्कुल मुफ़्त है।

पर कुंडली बनने के बाद असली सवाल आता है। इसमें देखें क्या? इस पेज पर दोनों बातें हैं। कुंडली कैसे बनाएँ, और बनने पर किन चीज़ों पर नज़र डालें।

अपनी मुफ़्त कुंडली अभी बनाइए

जन्म तारीख़, समय और जगह डालिए — 1 मिनट में पूरी कुंडली, दशा और D9 के साथ।

कुंडली क्या है — आसमान की एक फ़ोटो

कुंडली एक तरह की फ़ोटो है। आपके जन्म के पल ग्रह आसमान में कहाँ थे, यह उसमें दर्ज होता है। यह फ़ोटो सिर्फ़ आपकी है।

आसमान को एक बड़ी गोल घड़ी समझिए। इस पर 12 राशियाँ (आसमान के 12 बड़े हिस्से) बनी हैं। ग्रह इस घड़ी पर सुइयों की तरह चलते हैं। कुंडली बताती है कि आपके जन्म के पल कौन-सी सुई कहाँ थी।

पुराने समय में कुंडली हाथ से बनती थी, और कई दिन लगते थे। एक छोटी ग़लती पूरा लग्न बदल देती थी। आज यही हिसाब फ़ोन कुछ सेकंड में करता है।

कुंडली बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए

सिर्फ़ तीन चीज़ें चाहिए। पहली, जन्म की तारीख़। दूसरी, जन्म का समय, जितना सही हो सके। तीसरी, जन्म की जगह। जगह के लिए शहर का नाम काफ़ी है।

समय में AM और PM का ध्यान रखिए। रात के 12:30 और दोपहर के 12:30 में बहुत बड़ा फ़र्क़ है। बहुत-सी कुंडलियाँ इसी छोटी चूक से ग़लत बनती हैं।

अगर जन्म का समय बिल्कुल नहीं पता, तब भी रास्ता है। उसका नाम है प्रश्न कुंडली, यानी सवाल के पल की कुंडली। उसमें जन्म समय की ज़रूरत ही नहीं पड़ती। उसके बारे में नीचे related guides में पढ़िए।

जन्म का सही समय इतना ज़रूरी क्यों है

आसमान की घड़ी कभी रुकती नहीं। धरती घूमती है, इसलिए आसमान का नज़ारा भी घूमता है। यह हर 4 मिनट में क़रीब 1 डिग्री आगे बढ़ जाता है।

कुंडली की गिनती लग्न से शुरू होती है। लग्न (जन्म के पल पूरब में उग रही राशि) कुंडली का मुख्य दरवाज़ा है। यह दरवाज़ा औसतन हर 2 घंटे में राशि बदल लेता है।

इसलिए 5-10 मिनट का फ़र्क़ भी लग्न बदल सकता है। KP पद्धति (ज्योतिष का एक बारीक तरीक़ा) और छोटे हिस्से देखती है। वे कुछ ही मिनटों में बदल जाते हैं। KP का सीधा नियम है: समय जितना सही, जवाब उतना साफ़।

जगह भी उतनी ही ज़रूरी है। जयपुर और कोलकाता में सुबह 6 बजे का आसमान अलग होता है। पूरब में सूरज पहले उगता है। इसलिए जन्म की जगह ध्यान से चुनिए।

SuGraha पर मुफ़्त कुंडली कैसे बनाएँ — 4 क़दम

पूरा काम फ़ोन के browser में होता है। कोई app install नहीं करना पड़ता। KP की अपनी सेटिंग होती है, जैसे अयनांश (आसमान नापने का शुरुआती बिंदु)। यह गणित आपको नहीं करना। SuGraha इसे अपने-आप लगाता है।

समय बिल्कुल न पता हो, तो फ़ॉर्म में 'Unknown Time' चुन सकते हैं। तब समय दोपहर 12:00 मान लिया जाता है। उस कुंडली में ग्रहों और चंद्र राशि को देखिए, लग्न और भावों को नहीं।

अब ये 4 क़दम:

  • 1. sugraha.com खोलिए और मुफ़्त account बनाइए। इसमें एक मिनट लगता है।
  • 2. नई कुंडली का बटन दबाइए। जन्म-विवरण का फ़ॉर्म खुलेगा।
  • 3. नाम, जन्म की तारीख़ और समय भरिए। फिर जगह टाइप करके सूची से अपना शहर चुनिए।
  • 4. कुंडली बनाइए और उसे सेव कर लीजिए। अगली बार वही कुंडली एक tap में खुलेगी।

कुंडली में सबसे पहले ये 4 चीज़ें देखिए

1. लग्न: जन्म के समय पूरब में उग रही राशि। यही आपकी कुंडली का पहला घर है। इसे आपके स्वभाव की नींव माना जाता है।

2. चंद्र राशि: जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था। रोज़ का राशिफल और गोचर (ग्रहों की अभी की चाल) इसी से देखा जाता है। अख़बार वाली “अपनी राशि” असल में यही होनी चाहिए, नाम वाली नहीं।

3. विंशोत्तरी दशा: ग्रहों की बारी की timeline। हर ग्रह का एक दौर आता है। अभी किसका दौर है, इससे पता चलता है कि यह समय किस विषय के लिए अनुकूल है। जैसे करियर, रिश्ते या पैसा।

4. नवांश (D9): शादी और भाग्य की बारीक कुंडली। मुख्य कुंडली को शरीर मानें, तो D9 उसकी आत्मा है। कोई ग्रह असल में कितना मज़बूत है, यह D9 से साफ़ होता है।

ग्रह-सूची: हर ग्रह का पूरा पता

कुंडली में 9 ग्रहों की एक टेबल होती है। हर ग्रह की लाइन में उसका पता लिखा होता है, चिट्ठी के पते जैसा। सिर्फ़ “जयपुर” लिखने से चिट्ठी नहीं पहुँचती। मोहल्ला और मकान नंबर भी चाहिए। KP ग्रह का यही पूरा पता देखता है।

कॉलममतलबपते में
राशिआसमान के 12 हिस्सों में से एकशहर
नक्षत्रराशि से छोटा हिस्सा, कुल 27मोहल्ला
सबनक्षत्र का और छोटा टुकड़ामकान नंबर

12 भाव: ज़िंदगी के 12 कमरे

कुंडली में 1 से 12 तक के खाने होते हैं। इन्हें भाव (कुंडली का एक घर) कहते हैं। अपनी ज़िंदगी को 12 कमरों का घर समझिए। हर कमरे का अपना काम है।

राशियाँ सबके लिए एक जैसी हैं। पर भाव आपके अपने हैं। कमरा 1 आपके लग्न से शुरू होता है। इसीलिए दो लोगों के कमरों का नक़्शा अलग होता है।

हर कमरे की एक दहलीज़ होती है, जहाँ से कमरा शुरू होता है। इसे कस्प (cusp) कहते हैं। कुंडली की भाव-सूची में हर कस्प की डिग्री लिखी होती है।

कोई भी सवाल आए, पहले पूछिए: यह किस कमरे का सवाल है? शादी का सवाल कमरा 7 का है। नौकरी का सवाल कमरा 10 का है।

6, 8 और 12 को मुश्किल वाले कमरे कहते हैं। पर इनसे घबराइए मत। क़र्ज़ मिलना, बीमा और विदेश जैसे काम इन्हीं से बनते हैं। कमरे का मतलब सवाल के हिसाब से बदलता है।

भावकमराक्या देखता है
1आईनाशरीर, स्वभाव, पहचान
2तिजोरीजमा पैसा, परिवार, बोली
3हिम्मतभाई-बहन, छोटे सफ़र, फ़ोन-मैसेज
4आराममाँ, घर, गाड़ी, मन का चैन
5खेलबच्चे, पढ़ाई, प्यार
6दवाईबीमारी, क़र्ज़, रोज़ की नौकरी
7जोड़ीशादी, जीवनसाथी, साझेदारी
8तहख़ानारुकावट, अचानक की घटना, विरासत
9मंदिरभाग्य, पिता, गुरु, लंबे सफ़र
10दफ़्तरकाम, नाम, तरक़्क़ी
11ख़ुशीकमाई, दोस्त, इच्छा पूरी होना
12बाहरख़र्च, नींद, विदेश

एक उदाहरण: नेहा की पहली कुंडली (उदाहरण के लिए, नाम काल्पनिक)

नेहा ने मम्मी से जन्म का समय पूछा: सुबह 7:15। अस्पताल की पर्ची में भी यही लिखा था। नेहा ने sugraha.com पर तारीख़, समय और शहर भरा।

कुंडली बनी। सबसे ऊपर लिखा था “लग्न: सिंह”। ग्रह-सूची में चंद्रमा वृषभ राशि में था। तो नेहा की चंद्र राशि वृषभ निकली, नाम वाली राशि से अलग।

दशा वाले हिस्से में अभी की महादशा (ग्रह का बड़ा दौर) लिखी थी। नेहा ने पूछा: “इस दौर में पढ़ाई के लिए समय कैसा है?” जवाब में वजह भी थी: कौन-सा भाव, कौन-सा ग्रह और कौन-सी दशा।

SuGraha पर कुंडली बनाने के बाद क्या ख़ास है

ज़्यादातर वेबसाइट कुंडली बनाकर छोड़ देती हैं। 20 पन्नों की table मिलती है, जो आम आदमी के पल्ले नहीं पड़ती।

SuGraha में कुंडली बनने के बाद आप उससे सीधे सवाल पूछ सकते हैं। जैसे “नौकरी कब लगेगी?” या “शादी कब होगी?”। जवाब आपकी इसी कुंडली की दशा और भावों से, आसान हिंदी में मिलता है। यह एक इशारा है, तय नतीजा नहीं।

आपका data आपका है। कुंडली आपके account में सुरक्षित रहती है। जवाब देने के अलावा वह कहीं इस्तेमाल नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सच में मुफ़्त है? बाद में पैसे तो नहीं माँगेंगे?

कुंडली बनाना पूरी तरह मुफ़्त है, और मुफ़्त ही रहेगा। AI से रोज़ के पहले सवाल भी मुफ़्त हैं। ज़्यादा सवालों के लिए एक छोटा day pass या monthly plan है। वह पूरी तरह आपकी मर्ज़ी है।

जन्म का समय ठीक-ठीक नहीं पता, अंदाज़ा है — चलेगा?

चलेगा। अंदाज़े के समय से कुंडली बनाइए। अगर लग्न बदलने जितना फ़र्क़ हो, तो SuGraha जवाबों में उसका ध्यान रखता है। साफ़ सवालों के लिए प्रश्न कुंडली का रास्ता भी है।

लग्न और चंद्र राशि में क्या फ़र्क़ है?

लग्न वह राशि है जो जन्म के पल पूरब में उग रही थी। चंद्र राशि वह है जिसमें उस पल चंद्रमा था। लग्न क़रीब हर 2 घंटे में बदलता है। चंद्रमा एक राशि में क़रीब ढाई दिन रहता है।

कुंडली हिंदी में मिलेगी या English में?

दोनों में। एक tap से भाषा बदल जाती है।

क्या मोबाइल पर app install करना पड़ेगा?

नहीं। sugraha.com browser में ही पूरा काम करता है। चाहें तो इसे home screen पर app की तरह जोड़ सकते हैं।

क्या घर के बाक़ी लोगों की कुंडली भी बना सकते हैं?

हाँ। हर व्यक्ति की जन्म तारीख़, समय और जगह डालकर अलग कुंडली बनाइए और सेव कर लीजिए। सवाल उसी की कुंडली से पूछिए, जिसका सवाल है।

अपनी मुफ़्त कुंडली अभी बनाइए

जन्म तारीख़, समय और जगह डालिए — 1 मिनट में पूरी कुंडली, दशा और D9 के साथ।

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