राहु की महादशा: 18 साल में क्या होता है, सभी अंतर्दशाएँ और उनका समय
SuGraha · अपडेट 29 अक्टूबर 2026
राहु की महादशा 18 साल की होती है। इसमें विदेश, नई तकनीक, बड़ी इच्छाएँ और अचानक बदलाव की बातें आगे आती हैं। यह अच्छी चलेगी या उलझन देगी, यह आपकी कुंडली में राहु के घर, उसकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर टिका है।
राहु का नाम सुनते ही बहुत लोग डर जाते हैं। पर राहु की दशा में बहुत लोगों ने विदेश जाकर, नया काम शुरू करके या तेज़ तरक्की करके अच्छा समय भी देखा है। इस पेज पर आसान भाषा में समझिए कि राहु की महादशा में क्या होता है।
जन्म तारीख़, समय और जगह से आपकी चल रही दशा, अंतर्दशा और तारीख़ें 1 मिनट में।
राहु क्या दर्शाता है और इसकी महादशा कितने साल की होती है
राहु एक छाया ग्रह है। इसका अपना कोई शरीर नहीं माना जाता। यह जिस राशि में बैठता है, अक्सर उसके स्वामी ग्रह जैसा फल देता है।
राहु बड़ी चाह, विदेश, इंटरनेट और नई तकनीक, राजनीति, अचानक लाभ और भ्रम का कारक है। कारक यानी उस विषय का मुख्य ग्रह।
विंशोत्तरी दशा में राहु की महादशा 18 साल की होती है। केवल शुक्र 20 साल और शनि 19 साल की दशा इससे लंबी होती है।
राहु की महादशा कब अच्छी चलती है और कब भारी लगती है
भाव यानी कुंडली का एक घर। राहु कुंडली के 3, 6, 10 या 11वें घर में हो, तो इसकी दशा अक्सर अच्छी मानी जाती है। ये मेहनत और बढ़त के घर हैं।
राहु 8वें या 12वें घर में हो, या चंद्रमा के साथ बैठा हो, तो मन में बेचैनी और उलझन ज़्यादा रह सकती है। ऐसे में फ़ैसले जल्दबाज़ी में न लें।
- अच्छे संकेत: विदेश से काम, नई तकनीक या मीडिया में तरक्की, अचानक बड़ा मौका।
- भारी संकेत: बिना वजह डर, ग़लत लोगों पर भरोसा, नशे या शॉर्टकट की तरफ़ झुकाव।
- राहु का फल उसकी राशि के स्वामी की ताक़त से भी बदलता है। इसलिए एक ही राहु दो लोगों को अलग फल देता है।
राहु महादशा की सभी 9 अंतर्दशाएँ और उनका समय
अंतर्दशा यानी महादशा के अंदर का छोटा दौर। राहु की 18 साल की महादशा में 9 अंतर्दशाएँ आती हैं। पहली अंतर्दशा हमेशा राहु की अपनी होती है।
हर अंतर्दशा का समय एक तय नियम से निकलता है। महादशा के साल को अंतर्दशा वाले ग्रह के साल से गुणा करके 120 से भाग दिया जाता है। नीचे की तालिका इसी नियम से बनी है।
| क्रम | अंतर्दशा | कितने समय की | आम तौर पर |
|---|---|---|---|
| 1 | राहु में राहु | 2 साल 8 महीने 12 दिन | विदेश, नई तकनीक, अचानक मौके और उलझन की बातें आगे आती हैं। महादशा का ग्रह अपनी ही अंतर्दशा में है, इसलिए उसका असर सबसे साफ़ दिखता है। |
| 2 | राहु में गुरु | 2 साल 4 महीने 24 दिन | पढ़ाई, संतान, धर्म, सलाह और बढ़त की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 3 | राहु में शनि | 2 साल 10 महीने 6 दिन | मेहनत, नौकरी, अनुशासन और देरी की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 4 | राहु में बुध | 2 साल 6 महीने 18 दिन | पढ़ाई, बातचीत, व्यापार और हिसाब किताब की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 5 | राहु में केतु | 1 साल 18 दिन | अलगाव, अध्यात्म और अचानक बदलाव की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 6 | राहु में शुक्र | 3 साल | रिश्ते, शादी, आराम और सुख सुविधा की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 7 | राहु में सूर्य | 10 महीने 24 दिन | पिता, सरकार, पद और आत्मविश्वास की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 8 | राहु में चंद्र | 1 साल 6 महीने | मन, माँ, घर और भावनाओं की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
| 9 | राहु में मंगल | 1 साल 18 दिन | हिम्मत, ज़मीन, भाई और जल्दबाज़ी की बातें आगे आती हैं। राहु केतु का फल उनकी राशि और साथ बैठे ग्रहों पर ज़्यादा टिका माना जाता है। |
राहु महादशा में गुरु की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 2 साल 4 महीने 24 दिन की होती है। गुरु समझ और सही सलाह का ग्रह है, इसलिए राहु की उलझन में यह दौर अक्सर राहत लाता है।
पढ़ाई, शादी, संतान या किसी बड़े व्यक्ति की मदद इस दौर में मिल सकती है। अगर कुंडली में गुरु कमज़ोर हो, तो ग़लत सलाह से बचना ज़रूरी है।
राहु महादशा में शुक्र की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 3 साल की होती है। इसमें प्यार, शादी, सुख सुविधा और ख़र्च की बातें आगे आती हैं।
बहुत लोगों की शादी या नई गाड़ी, नया घर इसी दौर में होता है। पर बेवजह ख़र्च और दिखावे पर नज़र रखिए।
राहु महादशा में शनि की अंतर्दशा
यह अंतर्दशा 2 साल 10 महीने 6 दिन की होती है, जो राहु की सबसे लंबी अंतर्दशाओं में है। मेहनत ज़्यादा और नतीजे धीरे आने का दौर माना जाता है।
नौकरी में दबाव और ज़िम्मेदारी बढ़ सकती है। धीरज और ईमानदारी से किया काम इस दौर में मज़बूत नींव बनाता है।
राहु की महादशा ख़त्म होने पर क्या होता है
राहु की आख़िरी अंतर्दशा मंगल की होती है, जो 1 साल 18 दिन की है। इसके बाद गुरु की 16 साल की महादशा शुरू होती है।
बहुत लोग बताते हैं कि राहु के बाद गुरु की दशा आने पर मन ज़्यादा साफ़ और स्थिर हुआ। पर यह भी आपकी कुंडली में गुरु की हालत पर टिका है।
राहु की महादशा से पहले और बाद में कौन सी दशा आती है
राहु की महादशा से पहले मंगल की महादशा आती है। राहु की महादशा ख़त्म होने के बाद गुरु की महादशा शुरू होती है, जो 16 साल की होती है।
विंशोत्तरी दशा में 9 ग्रहों की बारी एक तय क्रम में आती है। यह क्रम है केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि और बुध। पूरा चक्र 120 साल का होता है।
आपकी पहली दशा किस ग्रह की थी, यह जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होता है। इसीलिए हर व्यक्ति की दशा की तारीख़ें अलग होती हैं।
राहु की महादशा में लोग क्या करते हैं
नीचे वे आसान बातें हैं जो परंपरा में की जाती हैं। ये मन को शांत और दिनचर्या को ठीक रखने के लिए हैं। इनसे कोई गारंटी नहीं जुड़ी है।
असली फल राहु की आपकी कुंडली में जगह, उसकी ताक़त और चल रही अंतर्दशा से तय होता है। इसलिए किसी बड़े फ़ैसले से पहले अपनी कुंडली देखना ज़रूरी है।
- रोज़ की दिनचर्या तय रखिए। नींद, खाना और काम का समय एक जैसा रखना राहु की बेचैनी में सबसे ज़्यादा मदद करता है।
- माना जाता है कि दुर्गा जी या भैरव जी की पूजा और "ॐ रां राहवे नमः" का जाप मन को शांत करता है।
- नशे, जुए और शॉर्टकट से दूर रहिए। बड़े पैसे के फ़ैसले लिखकर और सलाह लेकर कीजिए।
- ज़रूरतमंद लोगों की मदद और दान को परंपरा में अच्छा माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Rahu mahadasha कितने साल की होती है?
राहु की महादशा 18 साल की होती है। इसमें 9 अंतर्दशाएँ आती हैं, जिनमें पहली राहु की अपनी 2 साल 8 महीने 12 दिन की होती है।
Rahu mahadasha में क्या होता है?
विदेश, नई तकनीक, बड़ी इच्छाएँ और अचानक बदलाव की बातें आगे आती हैं। अच्छा या भारी फल राहु के घर, राशि और साथ बैठे ग्रहों पर टिका है।
After rahu dasha which dasha comes? राहु के बाद कौन सी दशा आती है?
राहु की महादशा के बाद गुरु की 16 साल की महादशा आती है।
क्या राहु की महादशा हमेशा बुरी होती है?
नहीं। राहु 3, 6, 10 या 11वें घर में हो तो इसकी दशा में कई लोगों ने विदेश, कारोबार या करियर में बड़ी तरक्की देखी है।
Guru mahadasha rahu antardasha और rahu mahadasha guru antardasha में क्या फ़र्क़ है?
राहु महादशा में गुरु की अंतर्दशा 2 साल 4 महीने 24 दिन की होती है। गुरु महादशा में राहु की अंतर्दशा भी इतनी ही लंबी होती है, पर उसमें मुख्य असर गुरु का रहता है।
Rahu mahadasha remedies क्या हैं?
तय दिनचर्या, नशे से दूरी, दुर्गा जी की पूजा और "ॐ रां राहवे नमः" का जाप परंपरा में किए जाते हैं। ये मन को शांत रखने के उपाय हैं, गारंटी नहीं।
जन्म तारीख़, समय और जगह से आपकी चल रही दशा, अंतर्दशा और तारीख़ें 1 मिनट में।