नाड़ी दोष क्या होता है? नक्षत्र सूची, 8 अंक और कब यह नहीं लगता
SuGraha · अपडेट 29 अक्टूबर 2026
नाड़ी दोष कुंडली मिलान की एक जाँच है। जब वर और कन्या दोनों के जन्म नक्षत्र एक ही नाड़ी में आते हैं, तो इसे नाड़ी दोष कहते हैं और 36 में से नाड़ी के 8 अंक नहीं मिलते। नाड़ी अलग हो तो पूरे 8 अंक मिलते हैं।
नाड़ी दोष का नाम सुनते ही कई परिवार घबरा जाते हैं। पर कई हालात में यह दोष माना ही नहीं जाता। इस पेज पर समझिए कि नाड़ी क्या है, आपका नक्षत्र किस नाड़ी में है, और यह दोष कब हटता है।
36 गुण, नाड़ी, भकूट और मांगलिक जाँच 1 मिनट में, अपनी जन्म तारीख़ों से।
नाड़ी क्या है
शादी के मिलान में 8 चीज़ें देखी जाती हैं। इन्हें अष्टकूट कहते हैं। इनके कुल 36 अंक होते हैं। नाड़ी इनमें आख़िरी और सबसे बड़ी जाँच है, इसके 8 अंक हैं।
हर नक्षत्र तीन में से किसी एक नाड़ी में आता है। ये तीन नाड़ियाँ हैं: आदि, मध्य और अंत्य। पुराने ग्रंथ इन्हें शरीर की तीन प्रकृति से जोड़ते हैं। आदि को वात, मध्य को पित्त और अंत्य को कफ माना जाता है।
मान्यता है कि पति पत्नी की नाड़ी अलग हो तो दोनों की प्रकृति एक दूसरे को संतुलन देती है। इसलिए एक ही नाड़ी को दोष माना गया।
कौन सा नक्षत्र किस नाड़ी में है
नीचे सभी 27 नक्षत्रों की नाड़ी दी गई है। अपना जन्म नक्षत्र पता न हो, तो SuGraha का मुफ़्त नक्षत्र कैलकुलेटर इसे जन्म तारीख़ से बता देता है।
| नाड़ी | नक्षत्र |
|---|---|
| आदि नाड़ी | अश्विनी, आर्द्रा, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, ज्येष्ठा, मूल, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद |
| मध्य नाड़ी | भरणी, मृगशिरा, पुष्य, पूर्वा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, पूर्वाषाढ़ा, धनिष्ठा, उत्तरा भाद्रपद |
| अंत्य नाड़ी | कृत्तिका, रोहिणी, आश्लेषा, मघा, स्वाति, विशाखा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, रेवती |
नाड़ी दोष कब नहीं माना जाता
ज़्यादातर पंचांग और ज्योतिषी कुछ हालात में नाड़ी दोष को रद्द मानते हैं। इसे दोष का परिहार कहते हैं। परिहार यानी दोष का हट जाना। अलग अलग परंपराओं में ये नियम थोड़े अलग हैं।
- दोनों की राशि एक हो, पर नक्षत्र अलग हों।
- दोनों का नक्षत्र एक हो, पर राशि अलग हो।
- नक्षत्र एक हो, पर चरण अलग हो। हर नक्षत्र के 4 चरण यानी 4 हिस्से होते हैं।
- दोनों की राशि के मालिक ग्रह एक ही हों, या आपस में मित्र हों।
- कई ज्योतिषी कुल गुण बहुत अच्छे हों और बाकी कुंडली मज़बूत हो, तो इसे हल्का मानते हैं।
नाड़ी दोष का मतलब क्या नहीं है
नाड़ी दोष का मतलब यह नहीं कि शादी नहीं हो सकती। इसका मतलब यह भी नहीं कि कोई बुरी घटना तय है। यह मिलान की 8 जाँचों में से सिर्फ़ एक है।
पुराने ग्रंथ इसे सेहत और संतान से जोड़ते हैं। पर किसी एक अंक से पूरी शादी का फ़ैसला करना ठीक नहीं। दोनों की अपनी कुंडली, 7वाँ घर और चल रही दशा भी देखी जानी चाहिए। 7वाँ घर जीवनसाथी का घर है।
अगर नाड़ी दोष निकले, तो पहले देखिए कि ऊपर का कोई परिहार लागू होता है या नहीं। ज़्यादातर मामलों में बात यहीं साफ़ हो जाती है।
अपना मिलान ख़ुद कैसे देखें
SuGraha के मुफ़्त मिलान टूल में दोनों की जन्म तारीख़, समय और जगह डालिए। वह 36 गुण, नाड़ी, भकूट और मांगलिक जाँच एक साथ दिखा देता है। जहाँ परिहार लागू होता है, वहाँ वह भी बताता है।
फिर आप SuGraha से सीधे पूछ सकते हैं कि आपके मिलान में नाड़ी दोष कितना मायने रखता है। जवाब आपकी अपनी कुंडलियों से बनता है, किसी आम नियम से नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नाड़ी दोष क्या होता है?
जब वर और कन्या के जन्म नक्षत्र एक ही नाड़ी में हों, तो इसे नाड़ी दोष कहते हैं। तब मिलान में नाड़ी के 8 अंक नहीं मिलते। नाड़ी अलग हो तो पूरे 8 अंक मिलते हैं।
nadi dosh kab nahi lagta?
आम तौर पर तब, जब दोनों की राशि एक हो पर नक्षत्र अलग हों, या नक्षत्र एक हो पर राशि या चरण अलग हो। दोनों की राशि के मालिक एक या मित्र हों, तब भी इसे हल्का माना जाता है। परंपराओं में नियम थोड़े अलग हैं।
क्या नाड़ी दोष में शादी नहीं करनी चाहिए?
ऐसा ज़रूरी नहीं। नाड़ी मिलान की 8 जाँचों में से एक है। कई मामलों में परिहार से यह दोष हट जाता है। फ़ैसला पूरी कुंडली देखकर करना चाहिए, एक अंक से नहीं।
मेरा नक्षत्र किस नाड़ी में है?
ऊपर की तालिका में अपना नक्षत्र ढूँढिए। जैसे रोहिणी अंत्य नाड़ी में है और पुष्य मध्य नाड़ी में। अपना नक्षत्र पता न हो तो SuGraha का नक्षत्र कैलकुलेटर मुफ़्त बताता है।
नाड़ी दोष के कितने अंक होते हैं?
नाड़ी के कुल 8 अंक होते हैं। नाड़ी अलग हो तो 8 और एक हो तो 0 अंक मिलते हैं। यह 36 गुणों में सबसे बड़ा हिस्सा है।
nadi dosh ke upay kya hain?
पहले यह देखिए कि दोष सच में लागू है या परिहार से हट गया है। परंपरा में दान, पूजा और महामृत्युंजय जाप की सलाह दी जाती है, पर कोई महँगा उपाय ज़रूरी नहीं। किसी डर में फ़ैसला मत लीजिए।
36 गुण, नाड़ी, भकूट और मांगलिक जाँच 1 मिनट में, अपनी जन्म तारीख़ों से।