साढ़े साती — साढ़े सात साल का हिसाब, बिना डर के

"साढ़े साती चल रही है" — यह सुनते ही बहुत लोग डर जाते हैं। कोई और ज्योतिष शब्द इतना नहीं डराता। और इसी डर पर महँगे उपायों की दुकान चलती है।

पर साढ़े साती कोई रहस्य नहीं है। यह सीधा हिसाब है। शनि को एक राशि पार करने में क़रीब ढाई साल लगते हैं। वह आपकी चंद्र राशि के आसपास की तीन राशियों से गुज़रता है। तीन बार ढाई साल, यानी साढ़े सात साल। बस यही साढ़े साती है।

यह पेज सिर्फ़ शनि और आपकी चंद्र राशि की बात करता है। गुरु और शनि के बाक़ी गोचर पर अलग guide है।

अपनी साढ़े साती का हिसाब मुफ़्त देखिए

जन्म विवरण से चंद्र राशि और शनि की चाल — चल रही है या नहीं, कौन-सा चरण, कब तक।

पहले दो शब्द समझ लीजिए

पहला शब्द है चंद्र राशि। यानी आपके जन्म के समय चंद्रमा जिस राशि में था। यह अख़बार वाली या नाम वाली राशि नहीं है। सही चंद्र राशि जन्म की तारीख़, समय और जगह से ही निकलती है।

दूसरा शब्द है गोचर, यानी ग्रहों की आज की चाल। आपकी कुंडली में शनि वहीं रुका है जहाँ वह जन्म के दिन था। पर आसमान वाला शनि आज भी आगे चल रहा है। साढ़े साती इसी चलते शनि की बात है।

शनि आसमान की घड़ी की सबसे धीमी सुई है। पूरा चक्कर क़रीब 30 साल में लगता है। इसलिए साढ़े साती ज़िंदगी में आम तौर पर दो-तीन बार आती है।

तीन चरण — हर चरण क़रीब ढाई साल

गिनती सिर्फ़ आपकी चंद्र राशि से होती है। पहले शनि उससे ठीक पहले वाली राशि में आता है। फिर आपकी अपनी राशि पर। फिर उसके बाद वाली राशि में।

परंपरा में तीनों चरण एक जैसे नहीं माने जाते। नीचे की तालिका में देखिए:

चरणशनि कहाँ (चंद्र राशि से)समयपरंपरा में क्या माना जाता है
पहलाठीक पहले वाली राशि (12वीं)~2.5 सालख़र्च और भाग-दौड़ बढ़ना
दूसराआपकी चंद्र राशि पर~2.5 सालसबसे चर्चित हिस्सा: मेहनत ज़्यादा, फल धीमा
तीसराअगली राशि (2री)~2.5 सालधीरे-धीरे बोझ उतरना

उदाहरण: सुनील की साढ़े साती कैसे गिनें (नाम काल्पनिक)

मान लीजिए सुनील की चंद्र राशि कर्क है। राशियों के क्रम में कर्क से पहले मिथुन आती है, और बाद में सिंह। अब गिनती बहुत आसान है:

  • पहला चरण: शनि मिथुन में। यह कर्क से ठीक पहले वाली राशि है।
  • दूसरा चरण: शनि कर्क में। यानी सुनील की अपनी चंद्र राशि पर।
  • तीसरा चरण: शनि सिंह में। यह कर्क के बाद वाली राशि है।
  • शनि सिंह छोड़कर कन्या में जाए, तो सुनील की साढ़े साती पूरी हो जाती है।

शनि सज़ा देने वाला नहीं, सख़्त मास्टरजी है

शनि को एक सख़्त मास्टरजी समझिए। वे देर लगाते हैं। पर मेहनत का पूरा-पूरा फल देते हैं।

शनि हिसाब बराबर करने वाला ग्रह है। मेहनत का पूरा फल और लापरवाही का पूरा नतीजा, दोनों उसी के दौर में मिलते हैं।

KP का एक छोटा नियम याद रखिए: शनि आया तो देरी, मनाही नहीं। शनि काम को थोड़ा आगे खिसका सकता है। पर वह वादा ख़त्म नहीं करता।

जिनकी कुंडली में शनि मज़बूत और शुभ है, उनके लिए साढ़े साती तरक़्क़ी और ज़िम्मेदारी का दौर भी रही है। डर बेचने वाले यह बात नहीं बताते।

KP की नज़र: गोचर सिर्फ़ घंटी बजाता है

दशा (ग्रह की बारी का समय) आपकी कुंडली की अंदर वाली घड़ी है। हर ग्रह बारी-बारी से ड्यूटी पर आता है। साढ़े साती बाहर की चाल है। दशा अंदर का वादा है।

Krishnamurti जी की KP पद्धति का नियम धीरे-धीरे पढ़िए। गोचर सिर्फ़ घंटी बजाता है। दरवाज़ा तभी खुलता है जब अंदर कोई हो। यानी जब आपकी दशा उस बात का वादा कर रही हो।

ख़ाली घर की घंटी बजती रहती है, दरवाज़ा नहीं खुलता। इसीलिए एक ही साढ़े साती में किसी का कुछ नहीं बिगड़ता, और किसी की ज़िंदगी बदल जाती है।

अगली बार कोई डराए, तो शांति से पूछिए: "अच्छा, और मेरी दशा क्या कह रही है?"

अपनी साढ़े साती में असल में क्या देखें — तीन सवाल

असर कितना होगा, यह राशि के नाम से तय नहीं होता। ये तीन बातें देखिए:

  • शनि आपकी कुंडली में किन भावों (कुंडली के घरों) से जुड़ा है? 6, 10 और 11 से जुड़ा शनि काम और मेहनत के फल का ग्रह है। ऐसे लोगों के लिए साढ़े साती तरक़्क़ी का दौर भी रही है। शनि 2 और 11 से जुड़ा हो, तो यह पैसे में अनुशासन का समय है।
  • अभी दशा किसकी चल रही है? साथ में शनि की महादशा या अंतर्दशा भी हो, तो शनि का असर दो तरफ़ से आता है। तब वह साफ़ महसूस होता है। किसी दूसरे ग्रह की दशा हो, तो साढ़े साती की छाया हल्की रहती है।
  • बड़े फ़ैसलों के लिए कौन-से दिन? चंद्रमा हर महीने क़रीब ढाई दिन आपकी चंद्र राशि से 8वीं राशि में रहता है। इसे चंद्र अष्टम कहते हैं। उन दिनों नई शुरुआत टालना समझदारी है। SuGraha की गोचर स्क्रीन पर चंद्रमा की राशि रोज़ दिखती है।

एक राशि, दो लोग — दशा से असर कैसे बदलता है

सुनील वाला उदाहरण आगे बढ़ाते हैं। मान लीजिए शनि कर्क में है, यानी सुनील का दूसरा चरण। उसकी दोस्त नेहा की चंद्र राशि भी कर्क है। दोनों की साढ़े साती साथ चल रही है।

सुनील की अभी बुध की महादशा चल रही है। उसकी कुंडली में शनि 10वें और 11वें घर से जुड़ा है। उसके लिए यह दौर भारी काम और नई ज़िम्मेदारी का बन सकता है। मेहनत ज़्यादा, पर फल भी मेहनत के हिसाब से।

नेहा की अभी शनि की ही अंतर्दशा चल रही है। यहाँ शनि दो तरफ़ से आ रहा है। इसलिए उसे शनि का धीमापन ज़्यादा साफ़ महसूस हो सकता है। उसके लिए धीरज और नियमित मेहनत सबसे काम की है।

राशि एक, साढ़े साती एक, पर असर दो। फल दशा से तय होता है, राशि के नाम से नहीं। (दोनों नाम काल्पनिक हैं।)

साढ़े साती और शनि की महादशा — दोनों में फ़र्क़

लोग अक्सर दोनों को एक समझ लेते हैं। साढ़े साती गोचर है। यह आसमान में शनि की आज की चाल है। वह आपकी चंद्र राशि के आसपास से गुज़र रहा है।

शनि की महादशा दशा है। यह आपकी जन्म कुंडली की अंदर वाली घड़ी है। यह 19 साल चलती है। इसका साढ़े साती से कोई सीधा रिश्ता नहीं है।

दोनों एक साथ पड़ें, तो शनि का दौर ज़्यादा साफ़ दिखता है। तब भी वह 'बुरा' नहीं होता। बस शनि के स्वभाव वाला होता है: धीमा, मेहनत माँगने वाला, और मेहनत का पूरा फल देने वाला।

अभी चल रही है या नहीं — जाँचने का तरीक़ा

इसके लिए सिर्फ़ आपकी सही चंद्र राशि चाहिए। SuGraha पर जन्म तारीख़, समय और जगह डालिए। चंद्र राशि अपने आप निकल आएगी।

फिर वहीं दिखेगा कि साढ़े साती चल रही है या नहीं। चल रही है तो कौन-सा चरण है, और कब ख़त्म होगी। यह सब मुफ़्त है। अंदाज़ा नहीं लगाना पड़ता।

इसके बाद अपनी दशा की स्क्रीन भी खोलिए। साढ़े साती और दशा, दोनों साथ देखने पर ही पूरी तस्वीर बनती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या साढ़े साती में सब कुछ बुरा ही होता है?

नहीं। असर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर है। मज़बूत शनि वालों के लिए यह मेहनत का पूरा फल पाने का दौर भी रहा है। आम तौर पर यह धीमा, अनुशासन माँगने वाला समय है, तबाही नहीं।

साढ़े साती में शादी, नई नौकरी या नया काम रुक जाना चाहिए?

नहीं। साढ़े साती कोशिश रोकने की वजह नहीं है। बड़े फ़ैसले के लिए अपनी दशा और उस समय की ग्रह-स्थिति देखकर अनुकूल समय चुनिए। पर हाथ पर हाथ रखकर मत बैठिए।

क्या महँगे उपाय के बिना साढ़े साती नहीं कटती?

साढ़े साती "काटने" की चीज़ नहीं है। यह समय के साथ अपने आप पूरी होने वाली चाल है। परंपरा में शनि के लिए सादी बातें कही गई हैं: नियमित दिनचर्या, मेहनत और दान। डर दिखाकर बेचे गए महँगे उपाय की ज़रूरत नहीं।

मेरी साढ़े साती कब ख़त्म होगी?

यह आपकी चंद्र राशि और शनि की आज की जगह से तय होता है। SuGraha पर अपना जन्म विवरण डालिए। चरण और तारीख़ें वहीं दिख जाएँगी।

साढ़े साती और शनि की महादशा में क्या फ़र्क़ है?

साढ़े साती गोचर है, यानी शनि की आज की चाल आपकी चंद्र राशि के आसपास। महादशा आपकी कुंडली की अंदर वाली घड़ी है। गोचर घंटी बजाता है, दशा वादा करती है। असर तब सबसे साफ़ होता है, जब दोनों एक ही इशारा करें।

साढ़े साती में कौन-से दिन ज़्यादा सावधानी के हैं?

हर महीने वे क़रीब ढाई दिन, जब चंद्रमा आपकी चंद्र राशि से 8वीं राशि में होता है (चंद्र अष्टम)। उन दिनों नई शुरुआत और बड़ी बातचीत टालना समझदारी मानी गई है। बाक़ी दिनों में काम रोकने की वजह नहीं।

अपनी साढ़े साती का हिसाब मुफ़्त देखिए

जन्म विवरण से चंद्र राशि और शनि की चाल — चल रही है या नहीं, कौन-सा चरण, कब तक।

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