अध्याय 3 — शादी कब होगी?

नेहा का सवाल

सन् 2019 की शुरुआत। उदयपुर की एक चाय की दुकान।

नेहा छब्बीस साल की है। बैंक में नौकरी करती है। और पिछले दो साल से घर में एक ही record बज रहा है, "बेटा, शादी कब करेगी?"

रिश्ते आए। कुछ नेहा को पसंद नहीं आए, कुछ को नेहा। मौसी ने कहा "मंगल भारी है।" पड़ोस वाले पंडित जी ने कहा "जल्दी होगी।" दूसरे ने कहा "तीस के बाद।" तीसरे ने उपाय बता दिया। पूरे चार हज़ार रुपये वाला।

नेहा की सहेली प्रिया ने चाय का घूँट लिया और बोली, "रुक। अंदाज़े बहुत सुन लिए। अब हिसाब से देखते हैं।"

प्रिया यानी आप जैसी ही, भाग 1 पास करके भाग 2 में पहुँची हुई।

उसने फ़ोन निकाला, SuGraha खोला, और नेहा की कुंडली सामने रख ली। अब आगे जो हुआ, वह step-by-step देखिए, क्योंकि यही छह steps इस किताब के हर मैच में चलेंगे।

Step 1 — सवाल और टीम

सवाल: शादी होगी? कब?

टीम-poster से (अध्याय 2): शादी की टीम 2-7-11। विरोधी टीम 1-6-10।

कप्तान का भाव: 7वाँ। तो सबसे पहले 7वें cusp के बॉस से मिलेंगे।

Step 2 — वादा (7वें cusp का सब-लॉर्ड)

नेहा की कुंडली में लग्न मेष है। SuGraha की cuspal टेबल कहती है:

  • 7वाँ cusp: तुला 15°20', नक्षत्र स्वाति, और सब-लॉर्ड शुक्र।

तो शादी की फ़ाइल पर दस्तख़त करने वाला बॉस है शुक्र। अब देखना यह है कि शुक्र किस टीम के लिए खेल रहा है।

कुंडली में शुक्र कहाँ है?

  • शुक्र बैठा है 2रे भाव में (वृषभ 15°), नक्षत्र रोहिणी। और रोहिणी का स्वामी है चंद्र।
  • वह चंद्र ख़ुद बैठा है 7वें भाव में (तुला 18°, स्वाति)।

अब भाग 1, अध्याय 7 की सीढ़ी चढ़िए:

  • शुक्र 2रे में बैठा है → 2 से जुड़ा।
  • शुक्र उस चंद्र के नक्षत्र में है जो 7वें में बैठा है → 7 से जुड़ा (और नक्षत्र वाला जुड़ाव सबसे ताक़तवर, याद है ना?)।
  • ऊपर से, मेष लग्न में वृषभ और तुला दोनों के मालिक शुक्र ही हैं। यानी शुक्र 2रे और 7वें का स्वामी भी है।

यानी शादी का बॉस शुक्र सिर से पैर तक शादी की टीम की जर्सी में है: 2 और 7, तीन-तीन तरीक़ों से। विरोधी टीम (1-6-10) से कोई ख़ास याराना नहीं।

फ़ैसला: वादा है। शादी होगी।

(प्रिया ने यह लाइन बोली तो नेहा की मम्मी वहीं चाय की दुकान पर मिठाई बाँटने वाली थीं। प्रिया ने रोका, "आंटी, अभी आधा जवाब बाक़ी है। ट्रेन जाती है — पर कब, वह अब निकालेंगे।")

Step 3 — कारक (टीम के खिलाड़ी)

अब 2-7-11 के कारक ग्रह गिनते हैं। SuGraha की significator टेबल से मुख्य नाम निकले:

  • शुक्र: 2 में बैठा, 7 में बैठे चंद्र के नक्षत्र में, 2-7 का स्वामी। (टीम का star खिलाड़ी।)
  • चंद्र: 7 में बैठा। और उसका नक्षत्र स्वाति, जिसका स्वामी राहु। वह राहु बैठा है 11वें भाव में (कुंभ 12°, शतभिषा)। यानी चंद्र 7 और 11 दोनों से जुड़ा।
  • राहु: 11 में बैठा, अपने ही नक्षत्र शतभिषा में। 11 का पक्का कारक।

तो टीम-शीट बनी: शुक्र, चंद्र, राहु। इन्हीं में से किसी के दौर में शादी की घंटी बजेगी।

Step 4 — दशा (खिड़की खोलो)

अब टाइम-टेबल। SuGraha की दशा स्क्रीन कहती है:

  • चालू महादशा: शुक्र। यानी ट्रेन ही star खिलाड़ी की है!
  • और आने वाली भुक्ति: शुक्र महादशा में चंद्र भुक्ति, मई 2019 से जनवरी 2021 तक।

ज़रा रुककर देखिए यह जोड़ी: महादशा शुक्र (2-7 का कारक) × भुक्ति चंद्र (7-11 का कारक)। ट्रेन भी अपनी, डिब्बा भी अपना। पूरी टीम 2-7-11 cover हो गई।

खिड़की खुल गई: मई 2019 – जनवरी 2021।

अध्याय 1 का 2x2 grid याद कीजिए। नेहा खाना नंबर 1 में है: वादा है, समय पास है।

Step 5 — गोचर (घंटी कब बजेगी?)

खिड़की बीस महीने की है। अब इसे छोटा करते हैं।

नियम (अध्याय 1): सूर्य-चंद्र जब कारकों के ऊपर से गुज़रें, तब घंटी। सूर्य साल भर में बारह राशियों में घूमता है, हर राशि में क़रीब एक महीना। तो देखो, सूर्य कब-कब अपनी टीम के ऊपर से गुज़रेगा:

  • तुला में सूर्य (क़रीब 17 अक्टूबर से 16 नवंबर)। तुला में क्या है? 7वाँ cusp और कारक चंद्र। घंटी नंबर 1।
  • कुंभ में सूर्य (क़रीब 13 फ़रवरी से 14 मार्च)। कुंभ में बैठा है राहु, 11वें का कारक। घंटी नंबर 2।

प्रिया का जवाब, महीने तक उतरकर:

"शादी का वादा पक्का। दौर मई 2019 से जनवरी 2021 का। बात बनने का पहला ज़ोर अक्टूबर-नवंबर 2019 के आसपास, और शादी जैसी बड़ी ख़ुशी फ़रवरी-मार्च के आसपास।"

कोई "100% guarantee" नहीं। कोई डरावा नहीं। कोई चार हज़ार का उपाय नहीं। सिर्फ़ नियम — वही नियम जो आपने अभी ख़ुद पढ़े।

Step 6 — फिर हुआ क्या?

  • नवंबर 2019: सूर्य तुला में। नेहा के दफ़्तर के एक colleague का रिश्ता आया। इस बार बात दोनों तरफ़ से जमी। रोका हो गया।
  • फ़रवरी 2020: सूर्य कुंभ में, राहु के ऊपर। शहनाई बजी।

खिड़की के अंदर, घंटी के महीने में। यह है वादा × समय।

(और हाँ, मौसी अब सबको बताती हैं कि उन्हें "पहले से ही पता था।" मौसियों का अपना ज्योतिष होता है।)

पर मेरी शादी में देरी क्यों? — यह भी पढ़िए

हर कुंडली नेहा जैसी नहीं होती। कई बार जवाब आता है, "होगी, पर देर से।" देर आती कहाँ से है? तीन आम वजहें:

1. सब-लॉर्ड दोनों टीमों में खेल रहा है। 7वें का सब-लॉर्ड 2-7-11 से भी जुड़ा है और 1-6-10 से भी। मैच होगा, पर विरोधी टीम रन रोकेगी। रिश्ते आएँगे, अटकेंगे, फिर बनेंगे। जुड़ाव 1-6-10 की तरफ़ जितना भारी, खींचतान उतनी लंबी।

2. शनि का दख़ल। शादी के मामले में शनि जुड़ा हो, सब-लॉर्ड के तौर पर या कारकों में, तो शनि अपनी मशहूर आदत दिखाता है: देर करना। ध्यान रहे — देर करना, मना करना नहीं। शनि की देरी अक्सर पकी हुई, टिकाऊ शादी देती है। ट्रेन slow है, पर पहुँचाती ठिकाने पर है।

3. कारकों की भुक्ति दूर है। वादा पूरा है, पर टाइम-टेबल देखो तो कारक ग्रहों का डिब्बा चार साल बाद आ रहा है। यह खाना नंबर 2 है: "बनेगा, पर सब्र।" यहाँ ज्योतिषी का सबसे बड़ा काम भविष्यवाणी नहीं, भरोसा है: "तुम्हारी ट्रेन लिखी हुई है। बस अभी platform पर नहीं आई।"

और एक बात, दिल से: अगर किसी की कुंडली में देरी दिखे, तो उसे "तेरी शादी में बाधा है" कहकर डराइए मत। यह किताब जो तरीक़ा सिखाती है, वह डराने के लिए नहीं, सही उम्मीद दिलाने के लिए है। "कब" का सही जवाब आधी बेचैनी वैसे ही ख़त्म कर देता है।

यही छह steps — हमेशा

एक बार फिर, धीरे से। यह ढाँचा अब हर अध्याय में चलेगा:

  1. सवाल + टीम (poster से)
  2. वादा: cusp का सब-लॉर्ड किस टीम में?
  3. कारक: टीम के खिलाड़ी कौन?
  4. दशा: खिड़की कौन-सी?
  5. गोचर: घंटी कब?
  6. नतीजा: जवाब, साफ़ शब्दों में।

अगला मैच: नौकरी। वही steps, नया मैदान।

SuGraha पर करके देखो

आज का काम है नेहा वाले steps, किसी अपनी कुंडली पर (5 मिनट):

  1. sugraha.com पर कोई ऐसी कुंडली खोलो जिसकी शादी अभी नहीं हुई। अपनी, या किसी (राज़ी!) दोस्त की।
  2. Cuspal टेबल से 7वें cusp का सब-लॉर्ड लिखो।
  3. देखो, वह ग्रह कहाँ बैठा है, किसके नक्षत्र में है, किन भावों का मालिक है। 2-7-11 से जुड़ाव गिनो, 1-6-10 से जुड़ाव गिनो।
  4. सिर्फ़ इतना लिखो: "वादा: हाँ / देर से / अभी साफ़ नहीं।"
  5. दशा और गोचर वाले steps अभी छोड़ दो। पहले दस कुंडलियों पर सिर्फ़ वादा जाँचने की आदत डालो। (मास्टर लोग यही करते हैं: एक step, सौ बार।)
एक लाइन में

7वें का सब-लॉर्ड 2-7-11 से जुड़ा = वादा; शुक्र-चंद्र जैसे कारकों की दशा = खिड़की; सूर्य की चाल = घंटी।

छोटा सा टेस्ट
  1. नेहा की कुंडली में शादी का वादा किस ग्रह ने, किन जुड़ावों से दिया?
  2. खिड़की (मई 2019–जनवरी 2021) किन दो ग्रहों के दौर से बनी?
  3. शनि शादी में जुड़ा हो तो "ना" समझें या "देर"?

आगे की किताब ₹49 में

मुफ़्त अध्याय यहीं तक थे। बाकी 18 अध्याय और परिशिष्ट एक बार के ₹49 में खुलते हैं।