अध्याय 2 — घरों की टीम (House Grouping)

एक बल्लेबाज़ से मैच नहीं जीता जाता

एक सवाल। विराट कोहली अकेला मैदान में उतरे, न कोई और बल्लेबाज़, न गेंदबाज़, न विकेटकीपर, तो क्या मैच जीतेगा?

नहीं ना? क्रिकेट टीम का खेल है। ग्यारह खिलाड़ी चाहिए।

अब ज्योतिष की बात। भाग 1 में आपने सीखा था कि शादी का भाव 7वाँ है, नौकरी का 10वाँ। बात सही है, पर अधूरी है। 7वाँ भाव शादी का कप्तान ज़रूर है — पर कप्तान अकेला मैच नहीं जिताता।

हर बड़े सवाल के लिए भावों की एक पूरी टीम होती है। KP में इसे house grouping कहते हैं। आज हम हर सवाल की टीम-शीट बनाएँगे। यह अध्याय छोटा है, पर पूरी किताब की रीढ़ है। आगे के हर अध्याय में हम यहीं से टीम उठाएँगे।

शादी की टीम से समझते हैं

शादी में असल में होता क्या है? ज़रा सोचिए:

  • एक जीवनसाथी आता है। यह हुआ 7वाँ भाव (कप्तान)।
  • परिवार बढ़ता है। घर में नया सदस्य, नए रिश्तेदार। परिवार का भाव है 2रा।
  • और एक बड़ी इच्छा पूरी होती है, ज़िंदगी में नए रिश्ते, नई ख़ुशियाँ जुड़ती हैं। इच्छा-पूर्ति और पाने का भाव है 11वाँ।

तो शादी की टीम बनी: 2-7-11।

अब KP का नियम, अध्याय 1 वाले formula में बैठाकर:

7वें cusp का सब-लॉर्ड अगर 2, 7 या 11 से जुड़ा है — शादी का वादा है। और शादी उसी दशा-भुक्ति में होगी जिसके ग्रह 2-7-11 के कारक हों।

देखा? टीम पता हो तो बाक़ी सब वही पुराना तरीक़ा है।

विरोधी टीम — यह नई बात है

पर रुकिए। मैच में सिर्फ़ आपकी टीम नहीं होती। सामने वाली टीम भी होती है।

हर सवाल के कुछ भाव ऐसे होते हैं जो उस काम में टाँग अड़ाते हैं। KP की भाषा में ये हुए बाधक भाव (Obstructing Houses)। आसान भाषा में, विरोधी टीम।

शादी की विरोधी टीम है: 1-6-10।

क्यों? हल्के से समझिए, रटिए मत:

  • 1ला भाव = "मैं, बस मैं।" जहाँ "हम" बनना था, वहाँ "मैं" का ज़ोर। यानी अकेले रहने का भाव।
  • 6वाँ भाव = 7वें से ठीक पहले का घर, झगड़े और रुकावट का भाव। 7वें का उल्टा स्वभाव।
  • 10वाँ भाव = काम-काज और ज़िम्मेदारी। "पहले करियर, शादी बाद में"। सुना-सुना लगा?

अब असली KP वाली बात, ध्यान से:

7वें cusp का सब-लॉर्ड अगर शादी की टीम (2-7-11) से ज़्यादा जुड़ा है — शादी हाँ। अगर विरोधी टीम (1-6-10) से ज़्यादा जुड़ा है — देरी या रुकावट।

यानी वही एक ग्रह, सब-लॉर्ड, दोनों टीमों की जर्सी पहन सकता है। सवाल यह है कि वह किस टीम के लिए ज़्यादा खेल रहा है। दोनों से जुड़ा हो तो? तो नतीजा "होगी, पर आसानी से नहीं"। देर से, खींचतान के बाद। इसका पूरा हिसाब अगले अध्याय की केस स्टडी में करेंगे।

पूरी टीम-शीट

लीजिए, बड़े सवालों की टीमें। यह टेबल इस किताब की सबसे क़ीमती चीज़ों में से है:

सवालटीम (हाँ वाले भाव)विरोधी टीम
शादी2-7-111-6-10
नौकरी / करियर2-6-10-11—
पढ़ाई4-9-11—
संतान2-5-11—
सेहत ख़राब होना6-8-12सुधार: 1-5-11
विदेश जाना3-9-12—
घर / प्रॉपर्टी4-11-12—
धन2-11—

हर टीम के पीछे वैसी ही छोटी कहानी है जैसी शादी के पीछे थी। दो नमूने और, बाक़ी अपने-अपने अध्यायों में खुलेंगे:

  • नौकरी 2-6-10-11: 10 = काम (कप्तान), 6 = रोज़ की नौकरी-सेवा, 2 = तनख़्वाह से भरती जेब, 11 = मुराद पूरी।
  • विदेश 3-9-12: 3 = घर छोड़ना, 9 = लंबा सफ़र, 12 = परदेस में रहना।

देखिए, हर टीम में 11वाँ भाव बार-बार आ रहा है। क्यों? क्योंकि 11 इच्छा-पूर्ति का भाव है, और हर सवाल के पीछे कोई न कोई इच्छा ही तो है। 11 वह खिलाड़ी है जो हर टीम में खेलता है। (सिवाय वहाँ, जहाँ बात बीमारी जैसी अनचाही चीज़ की हो। अनचाही चीज़ की टीम में इच्छा-पूर्ति वाला खिलाड़ी नहीं होता। ग़ौर करने लायक़ बात है ना?)

एक बात और, ईमानदारी की: विरोधी टीम हर सवाल के लिए एक जैसी बंधी-बँधाई नहीं होती। शादी वाली (1-6-10) सबसे मशहूर और सबसे काम की है, इसलिए पहले यही पक्की कीजिए। बाक़ी सवालों की रुकावटें हम उनके अपने अध्यायों में, जगह-जगह देखेंगे।

एक खिलाड़ी, कई टीमें

एक मज़ेदार बात और, जो आगे बहुत काम आएगी।

क्रिकेट में एक खिलाड़ी एक ही टीम में खेलता है। पर कुंडली में ऐसा नहीं है। एक ही ग्रह कई टीमों का कारक हो सकता है। जैसे कोई all-rounder बल्लेबाज़ी भी करे, गेंदबाज़ी भी।

मान लीजिए किसी की कुंडली में गुरु 2रे और 11वें का कारक है। तो गुरु शादी की टीम (2-7-11) में भी है, नौकरी की टीम (2-6-10-11) में भी, और धन की टीम (2-11) में भी।

अब समझ आया कि ज़िंदगी में कई बार एक ही साल में सब कुछ क्यों हो जाता है? शादी भी, प्रमोशन भी, नया घर भी? क्योंकि उस साल all-rounder की दशा चल रही होती है, और वह अपनी सारी टीमों के मैच एक साथ जिताता है।

उल्टा भी उतना ही सच: जिस ग्रह का किसी टीम से कोई नाता ही नहीं, उसकी दशा उस टीम का मैच नहीं जिता सकती, चाहे वह ग्रह कितना भी "अच्छा" क्यों न कहलाए। KP में ग्रह अपने नाम से नहीं, अपनी टीम से पहचाना जाता है।

यह टेबल रटनी पड़ेगी क्या?

नहीं। इसीलिए यह किताब आपको एक तोहफ़ा दे रही है:

किताब के बीच से यह कार्ड फाड़िए (हाँ, फाड़ने की इजाज़त है!), और अपनी पढ़ाई की मेज़ पर चिपका दीजिए। आगे के हर अध्याय में जब मैं कहूँ "टीम उठाइए", तो आपको सिर्फ़ कार्ड पर नज़र डालनी है।

अगले अध्याय से मैच शुरू। पहला मैच वही, जो पूछताछ खिड़की पर सबसे ज़्यादा पूछा जाता है — शादी कब होगी?

SuGraha पर करके देखो

आज का काम है अपने सवाल की टीम से पहली मुलाक़ात (4 मिनट):

  1. सोचो, इस वक़्त आपकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सवाल कौन-सा है? (शादी? नौकरी? विदेश?)
  2. टीम-poster से उस सवाल की टीम लिखो।
  3. sugraha.com पर अपनी कुंडली खोलो और significator टेबल पर जाओ (भाग 1, अध्याय 7 वाली)।
  4. अपनी टीम के हर भाव के कारक ग्रह लिखो।
  5. अब मिलाओ। कौन-सा ग्रह टीम के एक से ज़्यादा भावों का कारक है? वही ग्रह आपके सवाल का star खिलाड़ी है। उसका नाम गोल घेरे में लिखकर रखो। अगले अध्यायों में इससे फिर मिलेंगे।
एक लाइन में

हर सवाल की भावों की एक टीम है — सब-लॉर्ड जिस टीम के लिए खेले, मैच उसी का।

छोटा सा टेस्ट
  1. शादी की टीम में 2रा भाव क्यों है?
  2. नौकरी की टीम के चारों भाव कौन-से हैं?
  3. "सब-लॉर्ड दोनों टीमों की जर्सी पहन सकता है" — इसका मतलब क्या है?